Property Rules 2026: 1 मई से प्रॉपर्टी नियम बदलेंगे, रजिस्ट्री होगी महंगी

Property Rules 2026
Property Rules 2026

Property Rules 2026: अगर आप घर या जमीन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 1 मई से लागू होने जा रहे नए प्रॉपर्टी नियम आपके फैसले पर सीधा असर डाल सकते हैं। रियल एस्टेट सेक्टर में होने वाले ये बदलाव खास तौर पर Gurugram और Uttar Pradesh में बड़े स्तर पर देखने को मिलेंगे। एक तरफ जहां गुरुग्राम में सर्कल रेट में भारी बढ़ोतरी की गई है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में UP RERA ने नियमों को और सख्त और पारदर्शी बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं।

सबसे पहले बात करते हैं गुरुग्राम की, जहां कई प्रमुख इलाकों में सर्कल रेट में 10% से लेकर 75% तक की बढ़ोतरी की गई है। खासतौर पर सेक्टर 15 और Dwarka Expressway जैसे प्रीमियम क्षेत्रों में प्रॉपर्टी खरीदना अब पहले के मुकाबले काफी महंगा हो जाएगा। सर्कल रेट बढ़ने का सीधा असर रजिस्ट्री खर्च पर पड़ता है, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क इन्हीं दरों के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में अब घर या जमीन खरीदने वालों को पहले से ज्यादा बजट तैयार करना होगा।

इस फैसले के बाद रियल एस्टेट बाजार में कीमतों में और तेजी आने की संभावना है। खासकर उन इलाकों में जहां पहले से ही प्रॉपर्टी की मांग अधिक है, वहां खरीदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। हालांकि, सरकार का मानना है कि इससे प्रॉपर्टी की वास्तविक कीमतों और सर्कल रेट के बीच का अंतर कम होगा, जिससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी।

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में UP RERA ने प्रॉपर्टी सेक्टर में पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब खरीदार उन प्रोजेक्ट्स के खिलाफ भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे जो RERA में रजिस्टर्ड नहीं हैं। यह कदम उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स में निवेश कर चुके हैं और किसी समस्या का सामना कर रहे हैं।

इसके अलावा, प्रॉपर्टी ट्रांसफर फीस को भी नियंत्रित करते हुए अधिकतम ₹1,000 तक सीमित कर दिया गया है। इस फैसले से आम खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि पहले कई मामलों में ट्रांसफर फीस काफी ज्यादा होती थी।

नए नियमों के तहत बेनामी संपत्ति पर रोक लगाने के लिए भी सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। अब यदि कोई प्रॉपर्टी पत्नी या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर खरीदी जाती है, तो उसके लिए फंड के स्रोत का स्पष्ट प्रमाण देना अनिवार्य हो सकता है। इसके लिए बैंक स्टेटमेंट, इनकम टैक्स रिटर्न और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य काले धन पर लगाम लगाना और रियल एस्टेट सेक्टर को अधिक पारदर्शी बनाना है।

सरकार ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्री प्रक्रिया को डिजिटल और सुरक्षित बनाने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। अब आधार आधारित वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य किया जा रहा है। इससे न केवल धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और तेज हो जाएगी।

रियल एस्टेट बाजार के ताजा रुझानों की बात करें तो Delhi NCR में लग्जरी प्रॉपर्टी की मांग लगातार बढ़ रही है। गुरुग्राम और Noida जैसे क्षेत्रों में प्रीमियम घरों की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। यहां मांग सप्लाई से अधिक बनी हुई है, जिससे आने वाले समय में कीमतों में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।

कुल मिलाकर, 1 मई से लागू होने वाले ये नए नियम प्रॉपर्टी बाजार में बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं। जहां एक ओर खरीदारों को ज्यादा खर्च उठाना पड़ सकता है, वहीं दूसरी ओर पारदर्शिता और सुरक्षा के लिहाज से ये बदलाव काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।