Indian Currency Update: शेयर बाजार की गिरावट का असर, डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे लुढ़का

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(Indian Currency Update) घरेलू शेयर बाजार में भारी बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ते दबावों के बीच शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर बंद हुआ। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 26 पैसे टूटकर 90.16 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार पूंजी निकासी और मजबूत अमेरिकी डॉलर ने रुपये पर अतिरिक्त दबाव डाला।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर बढ़ रहा है। इसका सीधा असर उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर पड़ रहा है, जिसमें भारतीय रुपया भी शामिल है। इसके अलावा घरेलू शेयर बाजार में कमजोर धारणा ने रुपये की चाल को और नकारात्मक बना दिया।

कैसा रहा दिनभर का कारोबार
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया शुक्रवार को 89.88 प्रति डॉलर पर मजबूत खुला था। हालांकि शुरुआती बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। कारोबार के दौरान रुपये में लगातार कमजोरी देखने को मिली और यह 90.25 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक फिसल गया। अंत में यह 90.16 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र के मुकाबले 26 पैसे की गिरावट को दर्शाता है। इससे पहले गुरुवार को रुपया महज तीन पैसे की कमजोरी के साथ 89.90 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

विशेषज्ञों की राय
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि रुपया ऊंचे स्तर पर खुलने के बावजूद शेयर बाजारों में दोबारा बिकवाली शुरू होने के कारण दबाव में आ गया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुल्क (टैरिफ) से जुड़े फैसले का बाजार इंतजार कर रहा है, जिसका असर आने वाले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार और रुपये की चाल पर देखने को मिल सकता है।

डॉलर और कच्चे तेल का असर
इस बीच, छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.11 प्रतिशत बढ़कर 99.04 पर पहुंच गया। डॉलर में आई इस मजबूती ने भी रुपये पर दबाव बढ़ाया। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 0.56 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 62.34 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी रुपये के लिए नकारात्मक मानी जाती है।

आगे क्या रहेगा रुख
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी के अनुसार, वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने का माहौल और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं रुपये को कमजोर बनाए रख सकती हैं। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी रुपये पर दबाव डालने वाले प्रमुख कारक बने रहेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जरूरत पड़ने पर बाजार में हस्तक्षेप कर रुपये को निचले स्तरों पर सहारा दे सकता है।

शेयर बाजार में भारी गिरावट
घरेलू शेयर बाजार में भी शुक्रवार को कमजोरी का माहौल रहा। बीएसई सेंसेक्स 604.72 अंक टूटकर 83,576.24 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 193.55 अंक गिरकर 25,683.30 पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 3,367.12 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जिसका असर बाजार और रुपये दोनों पर साफ नजर आया।