मिडिल ईस्ट तनाव से क्रिप्टो मार्केट क्रैश, ₹5.5 लाख करोड़ डूबे

Crypto Market Crash
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Crypto Market Crash: मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक वित्तीय बाजारों के साथ-साथ क्रिप्टोकरेंसी मार्केट पर भी साफ दिखाई देने लगा है। हाल के दिनों में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसके कारण क्रिप्टो बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ज्यादातर बड़ी क्रिप्टोकरेंसी लाल निशान में कारोबार कर रही हैं, जबकि कुछ छोटे टोकन में तेजी भी दर्ज की गई है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे तक वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग 2.40 ट्रिलियन डॉलर रह गया। इससे एक दिन पहले यह करीब 2.46 ट्रिलियन डॉलर के आसपास था। इस तरह सिर्फ 24 घंटे के भीतर बाजार में लगभग 2.46 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के चलते कुल बाजार मूल्य में करीब 0.06 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग 5.5 लाख करोड़ रुपये की कमी आई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अस्थिरता और युद्ध जैसी परिस्थितियों में निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाने लगते हैं। यही वजह है कि क्रिप्टोकरेंसी जैसे अस्थिर निवेश साधनों में अचानक बिकवाली बढ़ जाती है।

दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin भी इस दबाव से बच नहीं पाई। पिछले 24 घंटों के दौरान इसमें 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और इसकी कीमत करीब 70,500 डॉलर के आसपास पहुंच गई। बिटकॉइन को अक्सर डिजिटल गोल्ड कहा जाता है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बीच इसमें भी उतार-चढ़ाव बढ़ गया है।

दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum की कीमत में भी लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसके अलावा कई प्रमुख डिजिटल टोकन भी दबाव में रहे। BNB में करीब डेढ़ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि XRP लगभग 2 प्रतिशत और Solana करीब 2.5 प्रतिशत तक फिसल गया।

हालांकि बाजार में गिरावट के इस माहौल के बीच कुछ क्रिप्टो टोकन ने सकारात्मक प्रदर्शन भी किया है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा Pi Network की हो रही है। पिछले 24 घंटों में इस टोकन में 8 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई और इसकी कीमत करीब 0.1985 डॉलर तक पहुंच गई।

सिर्फ एक दिन ही नहीं, बल्कि पिछले एक सप्ताह के दौरान भी पाई नेटवर्क ने मजबूत प्रदर्शन किया है। इस अवधि में इसकी कीमत में 17 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी देखी गई। यही वजह है कि कई निवेशक इसे भविष्य की संभावित बड़ी क्रिप्टोकरेंसी के रूप में देखने लगे हैं।

पाई नेटवर्क अपेक्षाकृत नया प्रोजेक्ट है, जिसे हाल ही में व्यापक स्तर पर लॉन्च किया गया है। इसका मॉडल पारंपरिक क्रिप्टोकरेंसी से थोड़ा अलग माना जाता है, क्योंकि इसमें मोबाइल माइनिंग और बड़े उपयोगकर्ता आधार पर ज्यादा जोर दिया गया है। हालांकि विशेषज्ञ अभी भी इसे लेकर सतर्क रहने की सलाह देते हैं, क्योंकि क्रिप्टो बाजार में नई परियोजनाओं के भविष्य का अनुमान लगाना आसान नहीं होता।

इसके अलावा बाजार की गिरावट के बीच कुछ अन्य डिजिटल टोकन में भी हल्की तेजी देखने को मिली। TRON और Bitget Token जैसे कुछ टोकन में मामूली बढ़त दर्ज की गई, जिसने निवेशकों को थोड़ी राहत दी।

कुल मिलाकर मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने क्रिप्टो बाजार की अस्थिरता को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्थिति स्थिर नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को सावधानी के साथ निवेश करने और जोखिम को समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।