Air India News: दिल्ली की एक जिला उपभोक्ता अदालत ने लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ान के दौरान यात्रियों को घटिया सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में एयर इंडिया को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने एयरलाइन को सेवा में गंभीर कमी का दोषी मानते हुए एक यात्री और उनकी बेटी को कुल ₹1.5 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह फैसला नई दिल्ली स्थित डिस्ट्रिक्ट कंज़्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन–VI ने सुनाया, जिसमें स्पष्ट कहा गया कि जिन सुविधाओं का वादा टिकट बुकिंग के समय किया गया था, वे यात्रियों को प्रदान नहीं की गईं।
क्या थीं यात्रियों की शिकायतें
शिकायतकर्ता ने आयोग के समक्ष बताया कि उन्होंने अपनी बेटी के साथ एक लंबी इंटरनेशनल फ्लाइट में यात्रा की, लेकिन पूरे सफर के दौरान उन्हें असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। यात्रियों के अनुसार, विमान में दी गई सीटें टूटी हुई थीं और आरामदायक नहीं थीं। इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट सिस्टम पूरी तरह से खराब था, जिससे लंबी उड़ान और भी थकाऊ हो गई। इसके अलावा, विमान के वॉशरूम बेहद गंदे थे, अंदर दुर्गंध फैली हुई थी और परोसे गए भोजन की गुणवत्ता भी मानकों पर खरी नहीं उतरती थी।
यात्रियों का आरोप था कि उन्होंने इन समस्याओं की शिकायत कई बार केबिन क्रू से की, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया और कोई प्रभावी समाधान नहीं दिया गया। इससे उन्हें न केवल शारीरिक असुविधा हुई, बल्कि मानसिक तनाव और परेशानी भी झेलनी पड़ी।
आयोग का सख्त रुख
डिस्ट्रिक्ट कंज़्यूमर कमीशन की अध्यक्ष पूनम चौधरी और सदस्य शेखर चंद्र की पीठ ने 14 जनवरी को दिए आदेश में कहा कि एयर इंडिया यात्रियों को उचित सुविधाएं देने में विफल रही है। आयोग ने माना कि यात्रियों से जिन सेवाओं के लिए शुल्क लिया गया, वे उन्हें नहीं मिलीं, जो उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत सेवा में गंभीर कमी का मामला है।
आदेश में कहा गया कि ऐसी परिस्थितियों में शिकायतकर्ता और उनकी बेटी को मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए मुआवजा मिलना पूरी तरह न्यायसंगत है।
कितना मुआवजा देना होगा
आयोग के निर्देशानुसार, एयर इंडिया को शिकायतकर्ता और उनकी बेटी को ₹50,000-₹50,000 मुआवजे के रूप में देने होंगे। इसके अतिरिक्त, मुकदमे के खर्च के लिए एयरलाइन को ₹50,000 अलग से चुकाने का आदेश दिया गया है। इस तरह कुल मुआवजा ₹1.5 लाख बैठता है।
टिकट रिफंड की मांग क्यों हुई खारिज
हालांकि यात्रियों ने टिकट की पूरी राशि वापस करने की मांग भी की थी, लेकिन आयोग ने इसे स्वीकार नहीं किया। आयोग का कहना था कि यात्रियों ने अपनी यात्रा पूरी कर ली थी, इसलिए टिकट रिफंड का सवाल नहीं उठता। बावजूद इसके, सेवा में कमी के लिए मुआवजा देना आवश्यक है।
पूरा मामला क्या था
यह मामला दिल्ली के ग्रीन पार्क एक्सटेंशन निवासी शैलेंद्र भटनागर की शिकायत के बाद सामने आया। उन्होंने सितंबर 2023 में अपनी बेटी के साथ मेक माय ट्रिप के माध्यम से एयर इंडिया की दिल्ली–न्यूयॉर्क–दिल्ली फ्लाइट के इकोनॉमी क्लास टिकट बुक किए थे। लंबी यात्रा के दौरान कथित खराब सुविधाओं के चलते उन्होंने उपभोक्ता अदालत का रुख किया।
एयर इंडिया का पक्ष
एयर इंडिया ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उड़ान से पहले विमान की नियमित तकनीकी जांच की गई थी और उसे उड़ान के लिए पूरी तरह फिट पाया गया था। एयरलाइन का यह भी दावा था कि शिकायतकर्ता ने बिजनेस क्लास में अपग्रेड की मांग की थी, लेकिन सीट उपलब्ध न होने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।
इसके बावजूद, आयोग ने उपलब्ध तथ्यों और शिकायतों के आधार पर एयर इंडिया को दोषी ठहराया और यात्रियों के पक्ष में फैसला सुनाया।

