UPKL 2025 : नोएडा | उत्तर प्रदेश में कबड्डी एक बार फिर सुर्खियों में है। उत्तर प्रदेश कबड्डी लीग (UPKL) अपने दूसरे सीज़न के साथ लौट रही है, और इस बार दांव बड़ा है, दायरा भी। तीन नवंबर को नोएडा में होने वाली खिलाड़ी नीलामी में 10 टीमें ₹1.2 करोड़ के संयुक्त पर्स के लिए बोली लगाएंगी। लगभग 500 खिलाड़ी नीलामी पूल में होंगे — जो इस लीग के बढ़ते पैमाने और लोकप्रियता का साफ संकेत है।
दो नई टीमों की एंट्री, प्रतियोगिता में नई रोचकता
इस सीज़न में अलीगढ़ टाइगर्स और कानपुर वॉरियर्स जैसी दो नई फ्रैंचाइज़ियों के जुड़ने से कुल टीमों की संख्या 10 हो गई है। इन टीमों के शामिल होने से न केवल प्रतिभाओं को नया मंच मिलेगा, बल्कि कबड्डी के पारंपरिक दिल — पश्चिमी और मध्य यूपी — को भी अपनी स्थानीय टीमों का साथ मिलेगा।
नीलामी की रूपरेखा
प्रत्येक टीम को खिलाड़ियों की खरीद के लिए ₹12 लाख का बजट दिया गया है। खिलाड़ियों को चार श्रेणियों — A, B, C, और D — में बाँटा गया है, जिनके बेस प्राइस क्रमशः ₹1 लाख, ₹60 हज़ार, ₹40 हज़ार और ₹25 हज़ार तय किए गए हैं। टीमों को संतुलन बनाए रखने के लिए विभिन्न श्रेणियों से खिलाड़ियों को चुनना अनिवार्य होगा — कम से कम तीन खिलाड़ी ‘A’ श्रेणी से, जबकि ‘B’ और ‘C’ से चार-चार और ‘D’ से तीन खिलाड़ी। UPKL 2025
नीलामी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर टीम में युवा जोश, अनुभव और रणनीतिक विविधता का संतुलन बना रहे।
सीज़न की शुरुआत 25 दिसंबर से
लीग के दूसरे संस्करण का उद्घाटन 25 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित है, जिसमें कुल 64 मैच खेले जाएंगे। इन मुकाबलों को प्रदेश के अलग-अलग शहरों में आयोजित करने की योजना है, जिससे स्थानीय दर्शकों को भी सीधे अपनी टीमों का समर्थन करने का अवसर मिल सके।
अपना भारत, अपना खेल” — नई सोच, नया जोश
UPKL सीज़न-2 की टैगलाइन — “अपना भारत, अपना खेल — मेरा प्रदेश खेल रहा है” — इस लीग के दर्शन को बखूबी परिभाषित करती है। यह केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में कबड्डी संस्कृति को पुनर्जीवित करने का आंदोलन है। संघटक मानते हैं कि इससे स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और ग्रामीण-शहरी खेल-अंतर कम होगा।
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आयोजकों की दृष्टि
UPKL के आयोजकों के अनुसार, इस बार लीग न केवल खेल बल्कि खेल-प्रबंधन और प्रसारण गुणवत्ता के स्तर पर भी प्रो-लीग्स की बराबरी करेगी।
नोएडा में होने वाली नीलामी में अनुभवी कोच, रणनीतिक सलाहकार और फिटनेस एक्सपर्ट्स भी मौजूद रहेंगे। लीग के प्रसारण अधिकारों और डिजिटल कवरेज पर भी कई बड़ी मीडिया कंपनियाँ नज़र रखे हुए हैं। कबड्डी सदियों पुराना भारतीय खेल है, लेकिन अब यह आधुनिक मंच पर नई पहचान बना रहा है। UPKL का यह नया सीज़न इस बात का प्रमाण है कि यदि नीयत और आयोजन ईमानदार हों, तो पारंपरिक खेल भी युवाओं की पहली पसंद बन सकते हैं।

