The Raja Saab Review : 2015 में आई बाहुबली के बाद से प्रभास ने सिर्फ एक्शन फिल्मों का चयन किया है, फिर चाहे वो साहू हो या सालार, उन्होंने सिर्फ एक्शन फिल्म का चयन किया, हालाँकि बीच में उन्होंने आदिपुरुष और राधे श्याम जैसी फ़िल्में की मगर सफलता हासिल नहीं हुयी। अब ऐसे में फिल्म द राजा साहब से प्रभास एक बार फिर अपने पुराने अंदाज़ में नज़र आ रहे है। हॉरर कॉमेडी ज़ोनर इस फिल्म में प्रभास कॉमेडी करते नज़र आ रहे है। फिल्म में प्रभास के अलावा संजय दत्त, बोमन ईरानी, ज़रीना वहाब, निधि अग्रवाल, मालविका मोहन और रिद्धि कुमार मुख्य भूमिका में है। फिल्म का निर्देशन मारुती ने किया है।
फिल्म की कहानी राजू के इर्द-गिर्द घूमती है। राजू अपनी अल्ज़ाइमर से पीड़ित दादी के साथ रहता है, हालाँकि दादी को उम्मीद है उसके खोए हुए पति एक दिन वापस आएंगे। दादी की हालत देखकर, राजू अपने दादा को ढूंढने और उन्हें वापस लाने के मिशन पर निकल पड़ता है। इस तलाश में उसकी मुलाकात ब्लेसी और भैरवी से होती है, जो उसकी मदद के लिए आगे आती है। इस सफर में राजू की मुलाकात बुरी ताकतों से भी होती है, और यही से शुरू होता है रोमांच का सफर। क्या राजू इन शक्तियों से जीत पाता है ? क्या राजू अपने दादा से मिल पाता है, ये ही इस फिल्म का क्लाइमेक्स है।
एक भूतिया घर, एक अलौकिक उपस्थिति और डर से भरे मुकाबले रोमांच पैदा करते है। हालाँकि फर्स्ट हाफ इतना खास नहीं है, जिसमे राजा साहब की एंट्री, गाने और रोमांस दर्शकों को बांधने के बजाय सिर्फ़ ज़बरदस्ती ठूसें हुए लगते है। मगर फिल्म सेकंड हाफ में ज़बरदस्त वापसी करती है और दर्शकों को बांधने में कामयाब रहती है। आमतौर पर निर्देशक मारुति अच्छी कॉमेडी के लिए जाने जाते हैं, मगर प्रभास के साथ वो जादू जगा पाने में नाकाम रहते है। संजय दत्त भी अपने किरदार के साथ इंसाफ नहीं कर पाते है, वहीँ फिल्म में ज़बरदस्ती तीन नायिकाओं का होना भी खलता है। फिल्म का क्लाइमेक्स बहुत अच्छा है। पूरी फिल्म में प्रभास बहुत स्टाइलिश नज़र आते है। प्रभास की वॉइस डबिंग असरदार नहीं है। ज़रीना वहाब की परफ़ॉर्मेंस अच्छी है।

