सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के एक नए AI फीचर को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह फीचर X के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल Grok से जुड़ा बताया जा रहा है, जिस पर आरोप है कि यह किसी भी तस्वीर में मौजूद व्यक्ति के कपड़ों को बदलकर उन्हें आपत्तिजनक या अनुचित तरीके से प्रस्तुत कर सकता है।
इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कड़ी आपत्ति जताई है और केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने पत्र में कहा कि इस तरह की तकनीक महिलाओं की निजता, सम्मान और सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। उनके अनुसार, कुछ यूज़र्स फेक अकाउंट्स के जरिए महिलाओं की तस्वीरों में बदलाव कर उन्हें सेक्सुअलाइज करने और आपत्तिजनक कंटेंट बनाने के लिए इस AI फीचर का दुरुपयोग कर रहे हैं।
I would take this opportunity to thank Hon IT Minister for promptly taking note of my letter and for issuing a letter to X platform in the regard of AI led grok generating problematic content of women based on prompts that disrespect woman’s dignity and violates their consent,… pic.twitter.com/kEb1HameMn
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) January 2, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि यह खतरा केवल फर्जी अकाउंट तक सीमित नहीं है — बल्कि वे महिलाएँ भी प्रभावित हो सकती हैं जो अपनी तस्वीरें स्वयं सोशल मीडिया पर साझा करती हैं। सांसद ने इसे AI का “अनैतिक और संभावित रूप से आपराधिक उपयोग” बताया।
आईटी और कम्युनिकेशन स्टैंडिंग कमेटी की सदस्य होने के नाते, प्रियंका चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे को संस्थागत स्तर पर उठाना चाहती हैं ताकि X जैसे प्लेटफॉर्म अपने AI टूल्स के लिए कड़े सुरक्षा मानक लागू करें। उन्होंने कहा कि नवाचार के नाम पर महिलाओं की गरिमा से समझौता स्वीकार्य नहीं हो सकता।
मामले पर केंद्र सरकार ने भी त्वरित संज्ञान लिया। सांसद के पत्र के बाद, सरकार ने X को कड़ा नोटिस भेजकर Grok AI से जुड़े आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्लेटफॉर्म से 72 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
इसी बीच, प्रियंका चतुर्वेदी ने त्वरित एक्शन के लिए केंद्रीय आईटी मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पोस्ट किया कि AI-आधारित सिस्टम द्वारा महिलाओं से जुड़ा ऐसा कंटेंट बनाया जा रहा है जो उनकी सहमति और गरिमा का उल्लंघन करता है — इसलिए सरकार का तुरंत कदम उठाना बेहद आवश्यक था।
यह मामला एक बार फिर इस बहस को तेज करता है कि तेज़ी से विकसित हो रही AI तकनीकों पर जवाबदेही और सुरक्षा नियम किस तरह लागू किए जाएँ, ताकि डिजिटल नवाचार के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं — खासकर महिलाओं — की सुरक्षा सुनिश्चित रह सके।

