New Year Celebration: ये देश: सुरक्षा अलर्ट और आपदाओं के कारण रद्द हुए जश्न

New Year Celebration
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New Year Celebration: नव वर्ष 2026 से पहले दुनिया के कई शहरों और देशों से हैरान करने वाली खबरें सामने आई हैं। सुरक्षा जोखिम, आतंक हमलों की आशंका और हालिया प्राकृतिक आपदाओं के चलते कई जगहों पर न्यू ईयर ईव के बड़े समारोह रद्द कर दिए गए हैं। कई सरकारों ने सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सख्त कदम उठाए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लॉस एंजिल्स में गिरफ्तार चार संदिग्ध आतंकियों ने स्वीकार किया कि वे नए साल की रात पांच अलग-अलग जगहों पर धमाकों की योजना बना रहे थे। वहीं, तुर्की में भी क्रिसमस और नए साल के दौरान संभावित हमले की आशंका में 115 लोगों को हिरासत में लिया गया। इन घटनाओं के बाद कई शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

किन शहरों में रद्द हुए नए साल के कार्यक्रम

बाली, इंडोनेशिया: डेनपासर में आतिशबाज़ी और म्यूजिक शो रद्द किए गए हैं। सरकार ने हालिया प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताने के लिए यह फैसला लिया है। हालांकि, सीमित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

बेलग्रेड, सर्बिया: बच्चों और युवाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 31 दिसंबर और 14 जनवरी के कुछ कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। पिछले वर्ष भीड़ और अव्यवस्था की घटनाएं सामने आई थीं।

हांगकांग: इस बार पारंपरिक आतिशबाज़ी शो नहीं होगा। सरकार ने इसके स्थान पर “शांति और सकारात्मक ऊर्जा” पर केंद्रित वैकल्पिक इवेंट की घोषणा की है।

जकार्ता, इंडोनेशिया: सुमात्रा में आए भूकंप के बाद संवेदना स्वरूप आतिशबाज़ी कार्यक्रम रद्द किए गए। प्रशासन ने संयम बरतने की अपील की है।

मोनाको: 31 दिसंबर से 11 जनवरी तक पटाखों के परिवहन, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

पेरिस, फ्रांस: भारी भीड़ और संभावित भगदड़ की आशंका के चलते चैंप्स-एलिसीज़ पर होने वाला कॉन्सर्ट रद्द कर दिया गया।

सिडनी, ऑस्ट्रेलिया: बॉन्डी बीच पर हालिया गोलीबारी के बाद न्यू ईयर आतिशबाज़ी कार्यक्रम रद्द किया गया, जहाँ लगभग 15,000 लोगों के जुटने की उम्मीद थी।

टोक्यो, जापान: शिबुया स्टेशन के सामने होने वाला पारंपरिक काउंटडाउन इवेंट इस बार नहीं होगा। अधिकारियों ने बढ़ती भीड़ को बड़ा खतरा बताया है।

इन रद्द कार्यक्रमों से साफ है कि सरकारें इस बार उत्सव से ज्यादा नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान दे रही हैं। कई शहरों ने यह संकेत दिया है कि यदि हालात बेहतर होते हैं, तो भविष्य में ऐसे आयोजन फिर से शुरू हो सकते हैं — लेकिन फिलहाल सावधानी ही पहली प्राथमिकता है।