Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ती हवा ने लोगों की सेहत और रोजमर्रा की जिंदगी पर गहरा प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। इसी बीच, अकूम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स के प्रेसिडेंट (फाइनेंस) राजकुमार बाफना ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया।
कंपनी के अनुसार, बाफना ने साफ कहा कि दिल्ली के खतरनाक प्रदूषण स्तर ने उन्हें यह कठिन निर्णय लेने के लिए मजबूर किया। उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 तक रहेगा।
इस्तीफे में क्या लिखा बाफना ने
राजकुमार बाफना ने अपना इस्तीफा कंपनी के CFO सुमीत सूद को भेजा।
उन्होंने पत्र में लिखा कि राजधानी में लगातार खराब हो रही हवा उनकी सेहत पर असर डाल रही है, इसलिए वह जिम्मेदार पद पर बने रहने में सक्षम महसूस नहीं कर रहे।
बाफना ने संक्रमण-काल में सहयोग देने की भी बात कही।
CFO ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए कहा कि स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें रोकना संभव नहीं था।
राजधानी में गंभीर स्तर का प्रदूषण
बीते दिनों दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) अक्सर ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी के बीच दर्ज किया गया।
रविवार सुबह 6 बजे कुल AQI 391 रहा, जबकि कई स्थानों पर स्थिति इससे भी खराब पाई गई:
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आनंद विहार: 445
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पटपड़गंज: 425
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नेहरू नगर: 433
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शादीपुर: 445
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मुंडका: 413
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IGI एयरपोर्ट: 320
घनी धुंध और स्मॉग ने दृश्यता घटा दी है, जिससे नागरिकों की सेहत, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों के लिए जोखिम बढ़ गया है।
GRAP के तहत कड़े कदम
दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू है।
प्रदूषण बढ़ने पर निर्माण गतिविधियों पर रोक, वाहनों पर प्रतिबंध, स्कूल-कॉलेज के लिए एडवाइजरी और वर्क-फ्रॉम-होम जैसे उपाय सक्रिय किए जाते हैं।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए GRAP स्टेज-4 के तहत कुछ प्रतिबंध स्थायी रूप से लागू रहेंगे, ताकि हालात दोबारा गंभीर न हों।

