Rats Chewed ₹10,000 Cash: घर में रखा नकद पैसा आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कई बार छोटी-सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा देती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक घटना ने लोगों को चौंका दिया है, जिसमें चूहों ने घर में रखे 10,000 रुपये के नोटों को बुरी तरह कुतर दिया। इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि क्या भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ऐसे खराब हो चुके नोटों को बदलती है या नहीं।
यह मामला Reddit के r/indiasocial पेज से सामने आया, जहां एक यूजर ने कटे-फटे नोटों की तस्वीरें साझा करते हुए पूरी घटना बताई। पोस्ट के मुताबिक, यूजर के दोस्त ने घर में 10 हजार रुपये नकद रखे थे, जिन्हें चूहों ने नुकसान पहुंचा दिया। अब स्थिति यह है कि सिर्फ ₹4,750 के नोट किसी तरह बचे हैं, जबकि ₹5,250 पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।
यूजर ने उठाए ये अहम सवाल
पोस्ट में यूजर ने RBI के नियमों को लेकर कई सवाल सामने रखे, जैसे—
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क्या चूहों द्वारा कुतरे गए नोट “क्षतिग्रस्त मुद्रा” की श्रेणी में आते हैं?
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जो नोट आधे या आंशिक रूप से बचे हैं, क्या उन्हें बदला जा सकता है?
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नोट बदलने के लिए RBI कार्यालय जाना होगा या बैंक शाखा?
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जो रकम पूरी तरह नष्ट हो चुकी है, क्या उसके बदले कोई मुआवजा मिलता है?
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क्या इसके लिए FIR, आवेदन या किसी दस्तावेज़ की जरूरत होती है?
नोटों की तस्वीरें पोस्ट के साथ होने के कारण यह मामला तेजी से वायरल हो गया और इसे हजारों अपवोट्स व सैकड़ों कमेंट्स मिले।
RBI के नियम क्या कहते हैं?
भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार, चूहों द्वारा कुतरे गए नोट “कटे-फटे (Mutilated Notes)” की श्रेणी में आते हैं। ऐसे नोटों को लेकर कुछ अहम नियम इस प्रकार हैं—
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कटे-फटे नोट बैंक शाखाओं के माध्यम से बदले जाते हैं, सीधे RBI में नहीं
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अगर नोट का कम से कम आधा हिस्सा मौजूद है और वह असली साबित होता है, तो भुगतान संभव है
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नोट बदलने के लिए बैंक खाता होना जरूरी नहीं
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नोट की हालत के आधार पर बैंक पूरा, आंशिक या कोई भुगतान नहीं करने का फैसला करता है
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नोट कैसे खराब हुआ (चूहा, आग, पानी) इससे फैसले पर असर नहीं पड़ता
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इसके लिए FIR, शिकायत या सबूत की जरूरत नहीं होती
क्या गलती न करें?
कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने सलाह दी कि कटे-फटे नोटों को चिपकाने या जोड़ने की कोशिश न करें। ऐसा करने पर बैंक या RBI नोट स्वीकार नहीं करती। बेहतर यही है कि नोटों को जैसी हालत में हैं, उसी हालत में बैंक में दिखाया जाए।
क्यों बन गई यह खबर चर्चा का विषय
यह मामला सिर्फ पैसों के नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि आम लोगों में RBI के नियमों को लेकर कितनी गलतफहमियां हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और एक-दूसरे को सही जानकारी दे रहे हैं।

