Vaishno Devi Yatra: देश के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल जम्मू के कटड़ा स्थित श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा में वर्ष 2025 के दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल श्रद्धालुओं की संख्या में बीते वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय कमी देखने को मिली है, जिसने पर्यटन और प्रशासनिक महकमे दोनों को चिंतित कर दिया है।
पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि वर्ष 2024 में देश-विदेश से करीब 94.83 लाख श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुंचे थे। वहीं, वर्ष 2025 में नवंबर महीने के अंत तक यह आंकड़ा घटकर 63.68 लाख पर सिमट गया है। यानी इस साल अब तक 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की कमी दर्ज की गई है।
नवंबर तक 63.68 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जनवरी से नवंबर 2025 के बीच कुल 63,68,233 श्रद्धालुओं ने माता वैष्णो देवी की पवित्र गुफा में विराजमान पिंडियों के दर्शन किए। इनमें 12,885 विदेशी श्रद्धालु भी शामिल हैं, जो इस तीर्थ की अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता को दर्शाता है।
महीनेवार श्रद्धालुओं की संख्या
अगर महीनेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी में 5,68,844, फरवरी में 3,78,398, मार्च में 9,38,478 और अप्रैल में 9,42,601 श्रद्धालु पहुंचे। मई में यह संख्या घटकर 4,13,041 रही, जबकि जून में फिर से 9,25,735 श्रद्धालुओं ने यात्रा की।
जुलाई में 6,75,597 और अगस्त में 5,23,428 श्रद्धालु पहुंचे। सितंबर में यह आंकड़ा सबसे कम रहा, जब केवल 1,83,114 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। अक्टूबर में 3,83,488 और नवंबर में 4,22,624 श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में हाजिरी लगाई।
गिरावट के पीछे क्या हैं कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट की मुख्य वजह अगस्त और सितंबर के दौरान हुई भारी बारिश है। जम्मू सहित देश के कई हिस्सों में आई बाढ़, यात्रा मार्ग पर भूस्खलन और इससे जुड़े हादसों में यात्रियों की मौत ने श्रद्धालुओं को प्रभावित किया। इसके चलते कई दिनों तक यात्रा को रोकना पड़ा, जिसका सीधा असर श्रद्धालुओं की संख्या पर पड़ा।
इसके अलावा, यात्रा दोबारा शुरू होने के बाद भी लोगों में असमंजस और सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रही, जिससे इस वर्ष वैष्णो देवी यात्रा में अपेक्षित भीड़ देखने को नहीं मिली।

