Uttarakhand Trip New Rules : जनवरी 2026 से उत्तराखंड में घूमना फिरना महंगा हो जायेगा, दरअसल अब दूसरे राज्यों से आने वाले निजी वाहनों से ग्रीन सेस वसूला जायेगा। इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए साफ्टवेयर तैयार हो चूका है, जिसकी टेस्टिंग का कार्य चल रहा है। एक जनवरी से यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। बता दे कि उत्तराखंड में दूसरे राज्यों से आने वाले व्यावसायिक वाहनों से पहले से ही ग्रीन सेस वसूला जा रहा है, ऐसे में अब निजी वाहनों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।
परिवहन विभाग के एक कंपनी के साथ किये गए करार के चलते ग्रीन सेस का इस्तेमाल सड़क सुरक्षा व पौधरोपण आदि के लिए किया जाएगा। यह कंपनी प्रदेश की सीमाओं पर अभी 15 स्थानों पर लगाए गए 15 आटोमेटेड नंबर प्लेट रिकगनिशन (एपीएनआर) कैमरों के जरिये बाहर से आने वाले वाहनों की पहचान कर यह सेस वसूल करेगी, जिसका भुगतान वाहनों पर लगे फासटैग से होगा। यह सेस 24 घंटे के लिए मान्य होगा।
जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग ने फ़िलहाल दो पहिया व तिपहिया वाहनों के साथ साथ इलेक्ट्रिक व सीएनजी से चलने वाले वाहनों को इस सेस से छूट प्रस्तावित की है तथा सरकारी वाहन, अग्निशमन वाहन व एंबुलेंस आदि से भी सेस नहीं लिया जाएगा। ग्रीन सेस के तहत हल्के मोटर वाहन यानी कारों और हल्के माल वाहक वाहनों से 80 रुपये शुल्क वसूला जायेगा जबकि 12 सीटर से अधिक क्षमता वाली बस से 140 रुपये, सेवन एक्सेल वाले भारी वाहनों से 700 रुपये तक सेस वसूल होगा। यह सेस 24 घंटे के लिए प्रभावी होगा। यद्यपि, विभाग ने प्रदेश में बार-बार आने वाले वाहनों के लिए कुछ छूट देने का प्रविधान भी किया है। इसके तहत 20 दिनों का एकमुश्त सेस जमा करने पर तीन माह तक सेस जमा करने की छूट और 60 दिन का एकमुश्त सेस जमा करने पर वर्ष भर सेस जमा करने की छूट मिलेगी।

