- – “हमारे ग्राहक हमारा परिवार हैं”- बलविंदर सिंह साहनी
- – “लोगों के बीच ईवी को लोकप्रिय बनाना हमारा उद्देश्य”- सुमित आनंद
नई दिल्ली। प्रगति मैदान में चल रहे ईवी एक्सपो में तीसरी बार हिस्सा लेने रही कंपनी वंदे कोरोना काल के बाद से ईवी निर्माण में आई और अब पिछले तीन सालों से इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल्स का निर्माण कर रही है। बाजार में करीब 550 से ज्यादा कंपनियां ईवी निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। यह कंपनी भी कार्गो वाहन, ई रिक्शा के साथ साथ ई ऑटो के निर्माण से जुड़ी हुई है। लेकिन वंदे भारत की एक अनूठी पहल इसे दूसरी कम्पनियों से अलग होने का दर्जा देती है।
लोगों के बीच ईवी को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से वंदे भारत के निदेशक बलविंदर सिंह साहनी और सुमित आनंद ने साझा रूप से एक पहल की है।जिसके अंतर्गत वंदे भारत एक साल के भीतर ईवी खरीदने वाले अपने ग्राहकों को उनकी बहन या बेटी की शादी में 31 हजार रुपए और ग्राहक की मृत्यु हो जाने पर 1.5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है।
बलविंदर सिंह साहनी और सुमित आनंद ने इस शुरुआत के विषय में बताते हुए कहा” लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर दिलचस्पी बहुत बढ़ रही है। चलाने की कम लागत और वाजिब कीमतों की वजह से छोटे शहरों में लोग ईवी के इस्तेमाल में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं। अपनी इस छोटी सी कोशिश के माध्यम से हम लोगों तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि वंदे भारत उनके सुख और दुख में उनके साथ खड़ी है।” कंपनी की योजना अगले साल तक L-5 श्रेणी में ईवी लांच करना है।

