मारुति सुजुकी की लोकप्रिय हैचबैक वैगनआर (Maruti WagonR) ने भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वैगनआर का कुल उत्पादन 35 लाख यूनिट्स के आंकड़े को पार कर गया है। यह जानकारी मारुति सुजुकी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने साझा की। इससे पहले अगस्त 2025 में वैगनआर वैश्विक स्तर पर 1 करोड़ बिक्री का माइलस्टोन भी हासिल कर चुकी है।
अपने अनोखे ‘टॉल-बॉय’ डिजाइन, शानदार माइलेज और भरोसेमंद परफॉर्मेंस के चलते वैगनआर पिछले कई वर्षों से भारतीय ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई है। अब कंपनी ने इस कार को सिर्फ एक किफायती वाहन तक सीमित न रखते हुए Inclusive Mobility की दिशा में एक अहम कदम उठाया है, जिसका सीधा लाभ बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को मिलेगा।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए लॉन्च हुई स्विवल सीट
इस खास पहल के तहत मारुति सुजुकी ने स्टार्टअप TRUEAssist Technology के साथ साझेदारी की है। कंपनी ने वैगनआर के लिए एक विशेष ‘स्विवल सीट’ पेश की है, जो बाहर की ओर घूमती है। इस सीट की मदद से घुटनों के दर्द, चलने-फिरने में परेशानी या सीमित गतिशीलता वाले लोगों को कार में बैठना और उतरना कहीं अधिक आसान हो जाएगा।
इस सुविधा की आधिकारिक घोषणा 18 दिसंबर 2025 को की गई थी। फिलहाल, पहले चरण में यह सुविधा देश के 11 प्रमुख शहरों में स्थित करीब 200 मारुति सुजुकी एरिना डीलरशिप पर उपलब्ध कराई गई है। कंपनी का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वतंत्र यात्रा का अनुभव प्रदान करना है।
बिना स्ट्रक्चर बदले लगने वाली रेट्रोफिटमेंट किट
स्विवल सीट को एक रेट्रोफिटमेंट किट के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसे कार के मूल स्ट्रक्चर में किसी भी प्रकार का बदलाव किए बिना इंस्टॉल किया जा सकता है। ग्राहक इसे नई वैगनआर के साथ चुन सकते हैं या फिर 2019 के बाद खरीदी गई पुरानी वैगनआर में भी लगवा सकते हैं, जिससे मौजूदा ग्राहकों को भी इसका पूरा लाभ मिलेगा।
सुरक्षा और वारंटी का भरोसा
मारुति सुजुकी के अनुसार, इस स्विवल सीट को ARAI (ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया) द्वारा कड़े सुरक्षा परीक्षणों के बाद प्रमाणन मिला है। कंपनी इस सीट पर 3 साल की वारंटी भी दे रही है, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त भरोसा मिलेगा।
वैगनआर का टॉल-बॉय डिजाइन इस स्विवल सीट के लिए आदर्श साबित होता है, क्योंकि इसमें पर्याप्त लेग-रूम और हेड-रूम उपलब्ध है। यही वजह है कि यह कार इस इनोवेटिव फीचर के लिए एक उपयुक्त प्लेटफॉर्म मानी जा रही है।
मारुति सुजुकी की यह पहल न सिर्फ एक तकनीकी नवाचार है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में भी एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

