इस्लाम के खिलाफ फैल रही नफ़रत झूठे प्रचार का नतीजा: अरशद मदनी ने दिया बड़ा बयान

Arshad Madani
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जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने कहा कि कुछ ताकतें जानबूझकर इस्लाम के खिलाफ डर और भ्रम पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस्लाम को आतंकवाद से जोड़ना पूरी तरह गलत है, क्योंकि इस्लाम अमन, मुहब्बत और इंसानियत का संदेश देता है।

“झूठे प्रचार से फैल रही नफ़रत”

मदनी ने कहा कि आज लोगों के बीच इस्लाम को लेकर अफवाहें फैलाकर नफरत का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने टिप्पणी की,
“ये लोग इस्लाम से उतना डरते हैं जितना परमाणु बम से भी नहीं।”
उन्होंने कहा कि इस्लाम को मिटाने का सपना देखने वाली ताकतें कभी सफल नहीं होंगी, क्योंकि इस्लाम क़यामत तक कायम रहेगा।

“सभी इंसान पहले भाई हैं”

अरशद मदनी ने कहा कि सभी इंसान आदम की संतान हैं और धर्म बाद में आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग इस्लाम के खिलाफ माहौल बना रहे हैं, वे न इतिहास समझते हैं और न ही देश से सच्चा प्रेम करते हैं।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मोहब्बत और भाईचारे का पैग़ाम जिंदा रखें।
उन्होंने कहा, “हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई—सभी को आपस में प्रेम और सौहार्द से रहना चाहिए।”

मदनी ने कहा कि जो लोग धर्म के नाम पर नफरत फैला रहे हैं, उनका अनुसरण करना देश और समाज दोनों के लिए नुकसानदायक है।

“ताकत हमेशा नहीं रहती”

उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता का इस्तेमाल नफरत फैलाने के लिए करते हैं, उन्हें समझना चाहिए कि ताकत किसी के पास हमेशा नहीं रहती।
मदनी ने कहा, “सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन कोई सत्ता में स्थायी नहीं होता।”

उन्होंने दोहराया कि इस्लाम 1400 साल से कायम है और क़यामत तक बना रहेगा।