India weather Update: हिंद महासागर में विकसित हो रहा लो-प्रेशर सिस्टम तेजी से मजबूत होकर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इसका व्यापक असर मलक्का स्ट्रेट, बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत के कई तटीय इलाकों में पहले से महसूस किया जा रहा है। संभावित चक्रवात ‘सेन्यार’ के खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और तटीय समुदायों के साथ-साथ मछुआरों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में निगरानी बढ़ा दी गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक यह प्रणाली जल्द ही एक शक्तिशाली साइक्लोन में बदल सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में लगातार भारी बारिश हो रही है, जबकि तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जा रही है।
समुद्री परिस्थितियाँ भी बेहद खराब बनी हुई हैं। अंडमान सागर, मलक्का स्ट्रेट और बंगाल की खाड़ी में ऊँची लहरें और तेज हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। छोटे जहाज़ों और नौकाओं को भी फिलहाल पानी में न उतरने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत पर अगले 72 घंटे में बड़ा असर
अगले चार दिनों तक यानी 29 नवंबर तक अंडमान और निकोबार में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। वहीं तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भी भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। अगले 72 घंटों में दक्षिण भारत के कई हिस्सों में 65–100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
तमिलनाडु में 26 से 30 नवंबर के बीच भारी बारिश होने के आसार हैं। इसी तरह, केरल में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 29 नवंबर से 1 दिसंबर तक वर्षा जारी रहने की संभावना है। अंडमान-निकोबार के लिए 26 से 29 नवंबर तक भारी बारिश की चेतावनी पहले ही घोषित की जा चुकी है।
तमिलनाडु के छह जिलों में रेड अलर्ट जारी
29 नवंबर को तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, कुड्डालोर, विल्लुपुरम और चेंगलपट्टू जिलों के साथ-साथ पुडुचेरी और कराईकल में भी भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 7 से 15 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज होने की उम्मीद है।

