Wolf Terror In Bahraich : बहराइच जिले में भेड़िये का आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है। भेड़िये के हमलों को रोकने के लिए वन विभाग ने छह भेड़ियों को भी मार गिराया है, इसके बावजूद इलाके में भेड़िया का हमला जारी है। सोमवार की सुबह एक बार फिर रसूलपुर दरेहटा गांव में मां की गोद से तीन वर्षीय बच्चे को भेड़िया दबोच के ले गया। मां ने भेड़िया का पीछा भी किया, मगर तब तक भेड़िया कोहरे में कहीं ओझल हो गया।
वन विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने सूचना मिलते ही बच्चे की तलाश शुरू दी। आठ घंटे बाद बालक का क्षत-विक्षत शव बरामद होने से परिवार में कोहराम मच गया। बीते नौ सितंबर से शुरू हुए हमले में अब तक 10 बच्चों समेत 12 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 43 लोग घायल हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार रसूलपुर दरेहटा गांव निवासी ननकई अपने दो बच्चों के साथ घर पर रहती हैं। सोमवार को जब वह बरामदे में अपने तीन साल के बेटे अंशू को दूध पिला रही थीं, तभी अचानक भेड़िया हमला कर बच्चे को उनकी गोद से खींच ले गया। शोर मचाते हुए ननकई ने भेड़िया का पीछा किया, लेकिन कुछ दूर जाने के बाद घने कोहरे के कारण वह ओझल हो गया। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण एकत्रित हो गए।
जानकारी स्थानीय पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को दी गई। डीएफओ रामसिंह यादव व रेंजर ओमकार नाथ यादव वनकर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सर्च अभियान चलाया। लगभग आठ घंटे की तलाश के बाद बच्चे का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।

