Cricketer Yash Dayal’s POSCO Case : बुधवार को क्रिकेटर यश दयाल को जयपुर की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने अग्रिम जमानत देने से मना कर दिया है। नाबालिग से कथित बलात्कार के इस मामले में अदालत ने कहा कि मामला नाबालिग पीड़िता से संबंधित गंभीर आरोपों से जुड़ा है और इस स्तर पर अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा, इससे उनकी गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है।
इस मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय संख्या 3 की न्यायाधीश अलका बंसल ने अपने आदेश में कहा कि पीड़िता के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जांच से पहले आरोपी को गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान नहीं की जा सकती। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में अत्यधिक सावधानी और संवेदनशीलता की आवश्यकता होती है।
ज्ञात हो कि जयपुर की एक लड़की द्वारा सांगानेर सदर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़े इस मामले में उसने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसे क्रिकेट करियर बनाने में मदद करने का वादा करके लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया। कथित अपराध उस समय हुए जब लड़की नाबालिग थी। उसने आगे आरोप लगाया कि जब उसने बाद में आरोपियों का सामना किया तो उसे धमकी दी गई और उससे संपर्क तोड़ने के प्रयास किए गए। इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी के वकील ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि आरोप झूठे हैं और दावा किया कि संबंध आपसी सहमति से बने थे। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि दयाल एक प्रतिष्ठित पेशेवर क्रिकेटर हैं और जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। वहीँ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु द्वारा दयाल को आईपीएल 2026 सीजन के लिए टीम में बनाए रखने के फैसले की व्यापक आलोचना हो रही है। कई लोग फ्रेंचाइजी के इस रुख पर सवाल उठा रहे हैं क्योंकि खिलाड़ी दो गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है, जिनमें से एक मामला बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत है।

