Mohini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है, और हर एकादशी का अपना अलग धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। वैशाख मास की शुक्ल पक्ष में आने वाली Mohini Ekadashi को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन तिथि 27 अप्रैल, सोमवार को पड़ रही है। इस दिन भगवान Vishnu की पूजा-अर्चना के साथ दान-पुण्य करने का विशेष महत्व बताया गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से किए गए दान से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। ऐसा भी माना जाता है कि मोहिनी एकादशी का व्रत रखने और दान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
आइए जानते हैं कि इस पावन दिन किन-किन वस्तुओं का दान करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
अन्न का दान
मोहिनी एकादशी के दिन अन्न का दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन गेहूं, दाल और अन्य अनाज जरूरतमंदों को दान करना चाहिए। हालांकि एकादशी के दिन स्वयं अन्न और विशेष रूप से चावल का सेवन वर्जित माना जाता है, लेकिन दान के रूप में चावल देना शुभ होता है। अन्न दान को सबसे बड़ा दान कहा गया है, क्योंकि इससे किसी भूखे का पेट भरता है और यह सीधा पुण्य से जुड़ा होता है।
धन का दान
इस दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीबों और जरूरतमंद लोगों को धन का दान करना चाहिए। यह न केवल समाज सेवा का कार्य है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत फलदायी माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है और व्यक्ति को मानसिक शांति और संतोष की प्राप्ति होती है।
पीली वस्तुओं का दान
पीला रंग भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय माना जाता है। इसलिए मोहिनी एकादशी के दिन पीले रंग की वस्तुओं का दान करना बहुत शुभ माना गया है। आप इस दिन पीले कपड़े, चने की दाल, हल्दी या गुड़ जैसी वस्तुएं दान कर सकते हैं। यह दान भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का एक सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है।
जल और फल का दान
गर्मी के मौसम को देखते हुए इस दिन जल का दान विशेष महत्व रखता है। प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। इसके अलावा फल और धार्मिक पुस्तकों का दान भी इस दिन किया जा सकता है। इससे व्यक्ति को न केवल धार्मिक लाभ मिलता है, बल्कि दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी मिलता है।
दान का महत्व और भावना
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, दान का महत्व केवल वस्तु में नहीं, बल्कि दान देने की भावना में होता है। यदि कोई व्यक्ति सच्चे मन और निस्वार्थ भाव से दान करता है, तो उसे कई गुना पुण्य प्राप्त होता है। मोहिनी एकादशी का दिन इसी भावना को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।
इस दिन व्रत रखने के साथ-साथ भक्ति, पूजा और दान करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
मोहिनी एकादशी केवल एक धार्मिक व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और सेवा का पर्व है। इस दिन किए गए छोटे-छोटे दान भी बड़े फल दे सकते हैं, यदि वे सच्चे मन से किए जाएं। इसलिए इस पावन अवसर पर जरूरतमंदों की सहायता करें और अपने जीवन में आध्यात्मिक संतुलन और खुशहाली लाएं।

