Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी के अलावा साल की 5 अबूझ मुहूर्त तिथियां

Basant Panchami
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Basant Panchami 2026 हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में अबूझ मुहूर्त का विशेष स्थान है। अबूझ मुहूर्त उन दुर्लभ और स्वयंसिद्ध तिथियों को कहा जाता है, जिन पर किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। माना जाता है कि इन दिनों ग्रह-नक्षत्र स्वतः ही शुभ स्थिति में होते हैं, जिससे किया गया हर मांगलिक कार्य सफल और फलदायी होता है।

साल 2026 में 23 जनवरी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन मां सरस्वती को समर्पित होता है और विद्या, कला, ज्ञान तथा नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। बसंत पंचमी स्वयं एक अबूझ मुहूर्त है, लेकिन इसके अलावा भी वर्ष 2026 में पांच ऐसी विशेष तिथियां हैं, जिन्हें शास्त्रों में स्वयंसिद्ध या अबूझ मुहूर्त का दर्जा प्राप्त है। इन दिनों विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, व्यापार आरंभ, वाहन या संपत्ति की खरीद जैसे कार्य बिना किसी संकोच के किए जा सकते हैं।

क्या होता है अबूझ मुहूर्त?

धार्मिक ग्रंथों और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब तिथि, वार और ग्रहों का संयोग अत्यंत शुभ होता है, तब पूरा दिन दोषरहित हो जाता है। ऐसे में राहुकाल, भद्रा या अन्य अशुभ योगों का प्रभाव नहीं माना जाता। इसी कारण इन तिथियों पर बिना पंचांग देखे शुभ कार्य करना फलदायक माना गया है।

अक्षय तृतीया – 19 अप्रैल 2026

हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। ‘अक्षय’ का अर्थ है जिसका कभी क्षय न हो। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान, जप, तप और शुभ कार्य जीवन में स्थायी सुख और समृद्धि प्रदान करता है। सोना खरीदना, गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करना और विवाह के लिए यह दिन सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।

फुलेरा दूज – 19 फरवरी 2026

फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज मनाई जाती है, जो वर्ष 2026 में 19 फरवरी को पड़ेगी। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के प्रेम का प्रतीक है। ज्योतिष में इसे सबसे बड़ा अबूझ मुहूर्त कहा गया है। जिन लोगों को विवाह के लिए शुभ तिथि नहीं मिल पाती, वे इस दिन बिना किसी ज्योतिषीय बाधा के विवाह कर सकते हैं। शादी-ब्याह के लिए यह दिन अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है।

विजयादशमी (दशहरा) – 20 अक्टूबर 2026

आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि यानी विजयादशमी वर्ष 2026 में 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन शुरू किया गया कोई भी कार्य विजय दिलाता है। नई नौकरी, व्यापार की शुरुआत, वाहन खरीद, शस्त्र पूजा और करियर से जुड़े फैसलों के लिए यह दिन बेहद शुभ माना गया है।

देवउठनी एकादशी – 20 नवंबर 2026

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी या प्रबोधिनी एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में यह तिथि 20 नवंबर को पड़ेगी। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं और इसके साथ ही सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। विवाह, तुलसी विवाह, गृह प्रवेश और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए यह तिथि अत्यंत शुभ मानी जाती है।

बसंत पंचमी – 23 जनवरी 2026

इन सभी के साथ बसंत पंचमी स्वयं भी एक प्रमुख अबूझ मुहूर्त है। इस दिन शिक्षा, कला, संगीत, लेखन और नए कार्यों की शुरुआत विशेष फल देती है। बच्चों की पढ़ाई शुरू कराने और रचनात्मक कार्यों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है।

कुल मिलाकर, साल 2026 में बसंत पंचमी के अलावा ये पांच तिथियां ऐसे सुनहरे अवसर प्रदान करती हैं, जब बिना किसी ज्योतिषीय चिंता के शुभ कार्य किए जा सकते हैं।