UP Heatwave: उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी का असर अब धार्मिक स्थलों पर भी साफ नजर आने लगा है। तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंचने के कारण जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। खासकर Ram Mandir Ayodhya में भक्तों की संख्या में भारी कमी देखी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, सामान्य दिनों में यहां रोजाना एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते थे, लेकिन भीषण गर्मी के चलते यह संख्या घटकर 40 हजार से भी कम रह गई है। यानी करीब 60 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। तेज धूप और लू जैसे हालात के कारण लोग यात्रा से बच रहे हैं या अपने कार्यक्रम टाल रहे हैं।
हालांकि, मंदिर प्रशासन और नगर निगम ने श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए कई विशेष इंतजाम किए हैं। अयोध्या नगर निगम की ओर से राम पथ और आसपास के इलाकों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे तापमान को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सके।
अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ठंडक से जुड़े कई उपाय किए गए हैं। वहीं मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि करीब 3,000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाला एक वातानुकूलित प्रतीक्षालय तैयार किया गया है, जहां भक्त आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकते हैं।
रामलला के भोग और सेवा में बदलाव
भीषण गर्मी को देखते हुए Ram Lalla की सेवा और भोग में भी बदलाव किया गया है। अब भगवान को ठंडक देने वाले प्रसाद जैसे लस्सी, आम का रस और अन्य फलों के जूस चढ़ाए जा रहे हैं। इसके अलावा सोने के पात्र में शहद, दही, घी और जल का विशेष मिश्रण अर्पित किया जा रहा है।
मंदिर प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि भगवान को ठंडे जल से स्नान कराया जाए और हल्के सूती या रेशमी वस्त्र पहनाए जाएं। गर्भगृह को ठंडा रखने के लिए कूलर लगाए गए हैं और पूजा-पद्धति में भी कुछ बदलाव किए गए हैं ताकि गर्मी का असर कम किया जा सके।
काशी विश्वनाथ मंदिर में भी खास इंतजाम
गर्मी का असर Kashi Vishwanath Temple में भी देखा जा रहा है। यहां मंदिर प्रशासन ने परंपराओं के अनुसार ‘कुंवरा’ यानी शावर की व्यवस्था शुरू कर दी है। अक्षय तृतीया से सावन तक यह व्यवस्था जारी रहती है, जिसमें शिवलिंग पर लगातार जलाभिषेक किया जाता है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, भगवान शिव को ठंडक देने के लिए जल के साथ-साथ विभिन्न फलों के रस से भी अभिषेक किया जा रहा है। इससे धार्मिक परंपरा के साथ-साथ मौसम के अनुसार पूजा में बदलाव भी देखने को मिल रहा है।
अन्य मंदिरों में भी राहत के उपाय
वाराणसी के बटुक भैरव मंदिर में भी गर्मी से निपटने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। मंदिर के महंत के अनुसार, गर्भगृह में 24 घंटे एसी चलाया जा रहा है और भगवान को सूती वस्त्र पहनाए जा रहे हैं। भोग में ठंडी चीजें जैसे दही और फल शामिल किए जा रहे हैं।
इसके अलावा राम-जानकी मंदिर समेत कई अन्य मंदिरों में भी कूलर लगाए गए हैं और भक्तों के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है। जगह-जगह पानी के कूलर और छायादार स्थान बनाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।
गर्मी का दोहरा असर
एक ओर जहां श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है, वहीं मंदिर प्रशासन के लिए भी यह चुनौतीपूर्ण समय है। उन्हें धार्मिक परंपराओं को बनाए रखते हुए मौसम के अनुसार व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गर्मी का यह सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या पर और असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट दोनों ही लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

