Union Budget 2026: 1 फरवरी 2026 को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026–27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विकास, समावेशन और भविष्य की तैयारी पर केंद्रित रोडमैप रखा है। सरकार ने इस बजट को “युवा शक्ति” आधारित बताते हुए तीन प्रमुख उद्देश्यों—आर्थिक विकास को गति देना, जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना और सबका साथ–सबका विकास—के इर्द-गिर्द गढ़ा है। बजट में टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव भले न हों, लेकिन महंगाई में राहत, रोजगार सृजन, किसानों की आय बढ़ाने और स्वास्थ्य-शिक्षा को मजबूत करने के लिए कई ठोस कदम शामिल हैं।
कस्टम ड्यूटी में कटौती से महंगाई पर लगाम
बजट का बड़ा फायदा आम उपभोक्ताओं को कस्टम ड्यूटी में कटौती के रूप में मिला है। व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित सामानों पर कस्टम ड्यूटी 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, गैजेट्स, स्मार्टफोन, टैबलेट, खेल उपकरण और अन्य आयात-आधारित वस्तुओं के दाम घटने की उम्मीद है।
इसके साथ ही डायबिटीज, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयों पर राहत देकर स्वास्थ्य खर्च कम करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। विदेश यात्रा को भी सस्ता बनाया गया है—विदेशी टूर पैकेज पर टीसीएस को 5–20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती
कृषि और ग्रामीण भारत के लिए बजट 2026 में विशेष फोकस दिखता है। नारियल, चंदन, काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनसे करीब 1 करोड़ किसानों और 3 करोड़ लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है।
पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और पोल्ट्री सेक्टर के लिए क्रेडिट सब्सिडी और वैल्यू चेन को मजबूत करने की घोषणाएं की गई हैं। इसके अलावा, एआई आधारित कृषि टूल्स को बढ़ावा देकर किसानों की उत्पादकता और निर्णय क्षमता सुधारने का लक्ष्य रखा गया है। सिंचाई और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विस्तार से किसानों की आय बढ़ाने पर भी जोर है।
स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये के फंड की घोषणा की है। इसके साथ ही तीन नए आयुर्वेदिक एम्स (AIIMS) और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने का ऐलान किया गया है।
शिक्षा के मोर्चे पर विदेश पढ़ाई करने वाले छात्रों और उनके परिवारों को राहत दी गई है। शिक्षा से जुड़े खर्चों पर टीसीएस को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे विदेशी शिक्षा का वित्तीय बोझ कम होगा।
रोजगार, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर को बूस्ट
रोजगार सृजन के लिए बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 12.2 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) का प्रावधान किया गया है। इससे निर्माण, लॉजिस्टिक्स और संबंधित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
MSME और छोटे व्यापारियों के लिए आत्मनिर्भर भारत कोष में 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि दी गई है। इसके अलावा, 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की योजना से यात्रा सुगम होगी और क्षेत्रीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
अन्य अहम घोषणाएं
रक्षा क्षेत्र को 7.8 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट मिला है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ घरेलू उद्योगों को भी अप्रत्यक्ष लाभ होगा। खेल, पर्यटन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी पर फोकस से नए अवसर पैदा होने की संभावना है। टैक्स फाइलिंग को आसान बनाने के लिए संशोधित आईटीआर की समय-सीमा भी बढ़ाई गई है।
कुल मिलाकर
बजट 2026 बड़े टैक्स तोहफों की बजाय दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित नजर आता है। मिडिल क्लास को सीधी टैक्स राहत सीमित मिली है, लेकिन सस्ती दवाइयों, कम ट्रैवल टैक्स और आयातित सामानों के सस्ते होने से राहत मिलने की उम्मीद है। विपक्ष ने इसे आम आदमी के लिए अपर्याप्त बताया है, जबकि सरकार का कहना है कि यह बजट समावेशी विकास और विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।

