T20 World Cupसे पहले निपाह को लेकर फर्जी प्रचार, पाकिस्तान पर आरोप

T20 World Cup
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T20 World Cup: भारत में 7 फरवरी से शुरू हो रहे टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले सोशल मीडिया पर एक सुनियोजित डर का माहौल बनाने की कोशिश सामने आई है। इस बार निशाने पर रहा निपाह वायरस, जिसे लेकर भारत में कथित स्वास्थ्य आपात स्थिति दिखाने का झूठा नैरेटिव फैलाया गया। डिजिटल जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा अभियान पाकिस्तान से संचालित बॉट नेटवर्क के जरिए चलाया गया, जिसका मकसद न केवल भारत की छवि को नुकसान पहुंचाना था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टूर्नामेंट को लेकर संदेह पैदा करना भी था।

सोशल मीडिया पर अचानक क्यों बढ़ा निपाह का शोर?

जांच में सामने आया है कि कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हजारों पोस्ट, रिपोस्ट और कमेंट्स किए गए, जिनमें दावा किया गया कि भारत में निपाह वायरस तेजी से फैल रहा है और इससे टी20 वर्ल्ड कप पर खतरा मंडरा रहा है। इन पोस्ट्स की भाषा, तस्वीरें और हैशटैग्स लगभग एक जैसे थे, जिससे साफ संकेत मिला कि यह स्वाभाविक चर्चा नहीं बल्कि एक संगठित डिजिटल ऑपरेशन था।

एक लाख से ज्यादा बॉट अकाउंट्स की भूमिका

डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, इस फर्जी नैरेटिव को आगे बढ़ाने के लिए एक लाख से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे अकाउंट्स थे जिनकी प्रोफाइल फोटो AI-जनरेटेड थी, फॉलोअर्स नकली थे और पोस्टिंग पैटर्न पूरी तरह ऑटोमेटेड था।
इन बॉट अकाउंट्स का मकसद एक ही था—बार-बार एक ही संदेश फैलाकर यह दिखाना कि भारत में स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है।

लाखों रुपये खर्च कर चलाया गया प्रोपेगेंडा

जानकारी के अनुसार, इस डिजिटल दुष्प्रचार अभियान पर करीब 4.89 लाख रुपये (भारतीय मुद्रा) खर्च किए गए, जो पाकिस्तानी मुद्रा में लगभग 14.9 लाख रुपये के बराबर है। विश्लेषण में यह भी सामने आया कि लगभग 81 प्रतिशत अकाउंट्स पाकिस्तान से जुड़े पाए गए, जबकि करीब 3 प्रतिशत अकाउंट्स बांग्लादेश की लोकेशन या VPN के जरिए सक्रिय थे।

सेना से जुड़े नैरेटिव नेटवर्क का दावा

जांच एजेंसियों का दावा है कि यह कोई नया नेटवर्क नहीं है। संबंधित बॉट अकाउंट्स पहले भी भारत-विरोधी कंटेंट फैलाने में सक्रिय रहे हैं। आरोप लगाया गया है कि यह पूरा ढांचा पाकिस्तानी सेना के X कॉर्प्स से जुड़े नैरेटिव वॉरफेयर का हिस्सा रहा है।
रणनीति के तहत पहले कुछ चुनिंदा सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स से पोस्ट डलवाई गईं और फिर लाखों बॉट अकाउंट्स के जरिए उन्हें ट्रेंड कराया गया, ताकि झूठी जानकारी को “जनभावना” का रूप दिया जा सके।

रावलपिंडी से ऑपरेशन संचालित होने का आरोप

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना के X कॉर्प्स का मुख्यालय इस समय रावलपिंडी में स्थित है और इसकी कमान मेजर जनरल एमर एहसान नवाज के हाथों में है। आरोप है कि इसी ढांचे का इस्तेमाल पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ सूचना युद्ध (Information Warfare) में किया जा चुका है।

भारत में निपाह की असली स्थिति क्या है?

सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों के उलट, भारत में निपाह वायरस के अब तक केवल दो मामले सामने आए हैं और दोनों मरीज पूरी तरह स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन मरीजों के संपर्क में आए 196 से अधिक लोगों की जांच की गई, लेकिन न तो किसी में लक्षण पाए गए और न ही कोई रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां पूरी तरह सतर्क

केंद्र सरकार और राज्य स्वास्थ्य एजेंसियां निपाह वायरस को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। निगरानी, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और रोकथाम के सभी मानक उपाय लागू किए जा चुके हैं।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों से बचें और केवल स्वास्थ्य मंत्रालय व आधिकारिक एजेंसियों की जानकारी पर ही भरोसा करें।

सूचना युद्ध का नया चेहरा

विशेषज्ञों का मानना है कि खेल आयोजनों से पहले इस तरह की फर्जी हेल्थ अलर्ट रणनीति, सूचना युद्ध का नया और खतरनाक रूप है। इसका मकसद सिर्फ डर फैलाना नहीं, बल्कि किसी देश की विश्वसनीयता और वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाना होता है।