दिल्ली की सियासत में शुक्रवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख चेहरों में शामिल Raghav Chadha ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। उनके साथ Sandeep Pathak और Ashok Mittal समेत कुल सात राज्यसभा सांसदों ने भी BJP जॉइन कर ली। इस मौके पर BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin ने उन्हें मिठाई खिलाकर पार्टी में स्वागत किया।
इस घटनाक्रम को AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। Raghav Chadha ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने AAP को अपनी जिंदगी के करीब 15 साल दिए, लेकिन अब पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब ईमानदार राजनीति से दूर होकर व्यक्तिगत हितों पर काम कर रही है।
चड्ढा ने बताया कि राज्यसभा में AAP के कुल 10 सदस्य हैं, जिनमें से दो-तिहाई यानी 7 सांसद उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत दो-तिहाई सांसद किसी अन्य पार्टी में विलय कर सकते हैं और इसी प्रावधान के अनुसार उन्होंने यह कदम उठाया है। इस संबंध में सभी जरूरी दस्तावेज राज्यसभा के सभापति C. P. Radhakrishnan को सौंप दिए गए हैं।
उन्होंने जिन अन्य सांसदों के BJP में शामिल होने की जानकारी दी, उनमें Harbhajan Singh, Rajinder Gupta, Vikram Sahni और Swati Maliwal शामिल हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Sandeep Pathak और Ashok Mittal भी उनके साथ मौजूद रहे।
इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद BJP नेताओं ने AAP पर तीखा हमला बोला। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता Pradeep Bhandari ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “भ्रष्ट आम आदमी पार्टी पर अब कोई भरोसा नहीं करता। यह पार्टी, जो खुद को अलग बताती थी, अब भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई है।”
वहीं BJP के आईटी सेल प्रमुख Amit Malviya ने भी AAP पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अब पूरी तरह बिखर चुकी है और इसका टूटना अब सिर्फ अटकल नहीं, बल्कि सच्चाई बन चुका है।
Raghav Chadha का यह कदम उस समय आया है जब हाल के दिनों में पार्टी के भीतर मतभेद बढ़ने की खबरें सामने आ रही थीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह का सामूहिक इस्तीफा और BJP में शामिल होना AAP की संसदीय स्थिति को कमजोर कर सकता है।
दूसरी ओर, BJP के लिए यह एक बड़ी राजनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे राज्यसभा में उसकी ताकत और प्रभाव बढ़ सकता है।
AAP से जुड़े सात राज्यसभा सांसदों का एक साथ BJP में शामिल होना भारतीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे न केवल AAP की रणनीति पर असर पड़ेगा, बल्कि आने वाले समय में संसद की राजनीति में भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।

