Petrol Diesel Stock: देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच सरकार ने बड़ा बयान जारी करते हुए साफ किया है कि किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है। सरकार के अनुसार, भारत के पास लगभग 60 दिनों का पर्याप्त ईंधन भंडार उपलब्ध है और फिलहाल सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
Ministry of Petroleum and Natural Gas ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि देशभर के सभी पेट्रोल पंप पर ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और कहीं भी राशनिंग लागू नहीं की गई है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर जो खबरें सामने आ रही हैं, वे “जानबूझकर फैलाया गया गलत सूचना अभियान” हैं, जिनका मकसद लोगों में अनावश्यक डर पैदा करना है।
60 दिन का सुरक्षित भंडार
सरकार ने बताया कि वर्तमान में भारत के पास कच्चे तेल, तैयार पेट्रोलियम उत्पादों और रणनीतिक भंडार को मिलाकर करीब 60 दिनों का वास्तविक स्टॉक मौजूद है। इसके अलावा, कुल भंडारण क्षमता लगभग 74 दिनों तक की है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत बनी हुई है।
मंत्रालय के अनुसार, भारतीय पेट्रोलियम कंपनियों ने पहले ही अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है। इसका मतलब है कि निकट भविष्य में ईंधन की कमी की कोई आशंका नहीं है।
पूरी क्षमता से चल रही हैं रिफाइनरियां
भारत दुनिया के सबसे बड़े ईंधन परिशोधन केंद्रों में से एक है। मंत्रालय ने जानकारी दी कि देश की सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं। यही कारण है कि भारत न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि 150 से अधिक देशों को परिष्कृत ईंधन का निर्यात भी करता है।
यह क्षमता भारत को वैश्विक संकट के समय भी आत्मनिर्भर बनाए रखने में मदद करती है।
वैश्विक तनाव के बावजूद सप्लाई स्थिर
मध्य पूर्व में जारी तनाव, खासकर Strait of Hormuz के आसपास की स्थिति, वैश्विक तेल सप्लाई के लिए चुनौती बन सकती है। बावजूद इसके, भारत ने अपनी आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर बनाए रखा है।
मंत्रालय के अनुसार, यदि किसी क्षेत्र से आपूर्ति में बाधा आती है, तो उसकी भरपाई वैकल्पिक स्रोतों से की जा रही है। इससे देश में ईंधन की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ा है।
एलपीजी की भी पर्याप्त उपलब्धता
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि रसोई गैस (LPG) की सप्लाई भी पूरी तरह पर्याप्त है। घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी और आयात की बेहतर योजना के चलते देश में एलपीजी की कमी नहीं है। कई देशों से अतिरिक्त गैस कार्गो भी पहले ही सुरक्षित कर लिए गए हैं, जिससे निरंतर आपूर्ति बनी रहे।
अफवाहों पर सख्त चेतावनी
सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर लोगों में डर और भ्रम पैदा कर रहे हैं।
बयान में चेतावनी दी गई है कि इस तरह की भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें।
नागरिकों के लिए क्या संदेश?
सरकार ने साफ कहा है कि आम नागरिकों को पेट्रोल, डीजल या एलपीजी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
- कहीं भी राशनिंग लागू नहीं है
- पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं
- ईंधन की सप्लाई पूरी तरह स्थिर है
इसलिए लोगों को अनावश्यक स्टॉक करने या घबराहट में खरीदारी करने से बचना चाहिए।
सरकार के इस बयान से साफ है कि देश में ईंधन की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मजबूत भंडारण क्षमता, वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत और उच्च परिशोधन क्षमता के कारण भारत किसी भी वैश्विक संकट का सामना करने के लिए तैयार है।
अफवाहों से दूर रहकर और जिम्मेदारी से व्यवहार करके ही इस स्थिति को सामान्य बनाए रखा जा सकता है।

