Pappu Yadav Controversy: बिहार की राजनीति में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के एक बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला नेताओं ने उनके कथित बयान की कड़ी आलोचना करते हुए उनसे देश की महिलाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
पप्पू यादव, जो पूर्णिया से लोकसभा सांसद हैं और जिन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का समर्थक माना जाता है, ने हाल ही में महिलाओं के राजनीतिक जीवन को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया और भाजपा ने इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील बताया।
पटना स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने इस बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी न केवल महिलाओं का अपमान है, बल्कि यह एक व्यक्ति की सोच और संस्कारों को भी दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की कि पप्पू यादव देश की सभी महिलाओं से बिना शर्त माफी मांगें।
श्रेयसी सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि जब पप्पू यादव की पत्नी स्वयं राज्यसभा और लोकसभा की सदस्य रह चुकी हैं, तो वे ऐसी टिप्पणी कैसे कर सकते हैं। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से भी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा। उनके अनुसार, यदि कांग्रेस नेतृत्व इस पर चुप्पी साधे रखता है, तो इसे उनकी सहमति के रूप में देखा जाएगा।
भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने भी इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां महिलाओं को डराने और सार्वजनिक जीवन से दूर करने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने अपने संघर्ष और मेहनत के बल पर समाज में अपनी पहचान बनाई है, और इस तरह के बयान उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी विशेष वर्ग या पेशे को निशाना बनाकर ऐसी बातें करता है, तो इसका असर केवल उस वर्ग पर ही नहीं, बल्कि पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने महिला आरक्षण जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष पहले ही अपने रुख से महिलाओं के प्रति अपनी सोच स्पष्ट कर चुका है।
वहीं, भाजपा विधायक संगीता कुमारी ने इस बयान को “दुष्ट मानसिकता” करार देते हुए कहा कि भारत जैसे देश में, जहां महिलाओं को सदियों से सम्मान दिया जाता रहा है, इस तरह की सोच अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र—चाहे वह खेल हो, कला हो या प्रशासन—में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, ऐसे में इस तरह की टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने भी कांग्रेस नेतृत्व से जवाब देने की मांग की और कहा कि यदि वे चुप रहते हैं, तो इसे उनकी मिलीभगत माना जाएगा।
भाजपा विधान परिषद सदस्य अनामिका सिंह पटेल ने कहा कि उन्हें इस बयान पर कोई आश्चर्य नहीं हुआ, क्योंकि यह पप्पू यादव की सोच और राजनीतिक शैली को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बयान जानबूझकर जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए दिया गया है।
पटेल ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति के निजी विचारों को इस तरह सार्वजनिक करना और उसे पूरे समाज पर लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि ऐसे नेताओं को अपने शब्दों की गंभीरता समझनी चाहिए।
इस पूरे विवाद ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें राजनीतिक मर्यादा, महिलाओं के प्रति सम्मान और सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पप्पू यादव इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या वे माफी मांगते हैं या नहीं।

