Macron India Visit: मोदी से होगी अहम द्विपक्षीय बैठक

Macron India Visit
Macron India Visit

Macron India Visit: फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron सोमवार, 16 फरवरी को दो दिवसीय भारत यात्रा पर मुंबई पहुंच रहे हैं। इस दौरे को भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राष्ट्रपति मैक्रों की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश रक्षा, तकनीक, व्यापार और वैश्विक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति मैक्रों सोमवार रात करीब 11:30 बजे Mumbai पहुंचेंगे। हालांकि उनका आधिकारिक कार्यक्रम 17 फरवरी से शुरू होगा। संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi स्वयं एयरपोर्ट पर पहुंचकर उनका स्वागत कर सकते हैं, जो इस दौरे के महत्व को दर्शाता है।

17 फरवरी से शुरू होगा आधिकारिक कार्यक्रम

17 फरवरी को मुंबई में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, आर्थिक साझेदारी और उन्नत तकनीक जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से मजबूत कूटनीतिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं, जिन्हें इस मुलाकात के जरिए और विस्तार दिया जाएगा।

विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में सहयोग को लेकर बातचीत अहम मानी जा रही है। दोनों देश पहले से कई संयुक्त रक्षा परियोजनाओं और तकनीकी कार्यक्रमों पर काम कर रहे हैं। संभावना है कि अत्याधुनिक तकनीक, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दे एजेंडे में प्रमुखता से शामिल होंगे।

नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट 2026

मुंबई में बैठक के बाद दोनों नेता नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे, जहां वे “AI इम्पैक्ट समिट 2026” में संयुक्त रूप से भाग लेंगे। यह समिट कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल नवाचार, साइबर सुरक्षा और नई तकनीकों पर केंद्रित होगी। इस मंच के जरिए दोनों देश तकनीकी सहयोग को बढ़ाने और डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में नई पहल कर सकते हैं।

‘हॉरिजन 2047’ रोडमैप की समीक्षा

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरे के दौरान “हॉरिजन 2047” रोडमैप के तहत तय किए गए लक्ष्यों की भी समीक्षा की जाएगी। यह रोडमैप भारत-फ्रांस साझेदारी को वर्ष 2047 तक नई ऊंचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें रक्षा, अंतरिक्ष अनुसंधान, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग शामिल है।

दोनों देश अंतरिक्ष और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में पहले से सहयोग कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में ग्रीन एनर्जी, न्यूक्लियर एनर्जी और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए साझा रणनीति पर भी बातचीत हो सकती है।

क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विमर्श

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, वैश्विक शांति और समुद्री सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा करेंगे। बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और फ्रांस दोनों ही बहुपक्षीय सहयोग और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के समर्थक रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देगी, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी दोनों देशों की साझेदारी को और सुदृढ़ करेगी। भारत और फ्रांस के बीच बढ़ता सहयोग रक्षा, तकनीक और आर्थिक विकास के साथ-साथ वैश्विक चुनौतियों से निपटने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।

कुल मिलाकर, राष्ट्रपति मैक्रों का यह दौरा भारत-फ्रांस संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।