New Attendance Rule: सरकारी स्कूलों में लंबे समय से चल रही उपस्थिति से जुड़ी गड़बड़ियों को खत्म करने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब छात्रों और शिक्षकों—दोनों की हाजिरी पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी। इसके लिए सभी विद्यालयों में टैबलेट आधारित उपस्थिति प्रणाली शुरू की जा रही है।
नई व्यवस्था के तहत छात्रों की संख्या के हिसाब से हर सरकारी स्कूल को 2 से 3 टैबलेट मुहैया कराए गए हैं। प्रधानाध्यापकों और नोडल शिक्षकों को इस डिजिटल सिस्टम का उपयोग सिखाने के लिए गूगल मीट पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
176 स्कूलों में टैबलेट वितरण पूरा
प्रभारी बीईओ ने बताया कि प्रखंड के सभी 176 सरकारी विद्यालयों—
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90 प्राथमिक,
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59 मध्य,
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27 उच्च माध्यमिक—
को टैबलेट उपलब्ध करा दिए गए हैं।
इन टैबलेट्स में ई-शिक्षाकोष और अन्य आवश्यक एप पहले से इंस्टॉल हैं, और इनमे किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना नहीं है।
जनवरी के पहले सप्ताह से लागू होगा डिजिटल Attendance सिस्टम
नई प्रणाली जनवरी के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। इसके तहत:
🔹 छात्रों की हाजिरी ऐसे लगेगी
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शिक्षक प्रतिदिन अपने वर्ग का एक सामूहिक फोटो लेंगे।
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यह फोटो ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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फोटो में हर छात्र का चेहरा स्पष्ट दिखना अनिवार्य होगा ताकि असली उपस्थिति दर्ज हो सके।
मिड-डे मील में फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
अधिकारियों का मानना है कि यह तकनीक केवल हाजिरी ही नहीं, बल्कि मिड-डे मील लाभार्थियों की गिनती को भी पारदर्शी बनाएगी।
अब वास्तविक उपस्थिति के साथ फोटो अपलोड होने से
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गलत आंकड़े,
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फर्जी संख्या बढ़ाना
जैसी समस्याएं खत्म होंगी।
शिक्षक और छात्रों की अलग-अलग टैबलेट से हाजिरी
नई व्यवस्था में दो टैबलेट का उपयोग निर्धारित है:
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पहला टैबलेट—छात्रों की उपस्थिति, मिड-डे मील और स्कूल गतिविधियों के लिए
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दूसरा टैबलेट—शिक्षकों की डिजिटल हाजिरी के लिए
इससे रिकॉर्ड प्रबंधन साफ और विश्वसनीय बनेगा।
शिक्षा व्यवस्था में बढ़ेगी पारदर्शिता
प्रभारी बीईओ के अनुसार, यह डिजिटल प्रणाली जल्द ही सभी सरकारी विद्यालयों में पूरी तरह लागू हो जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि हर छात्र की वास्तविक उपस्थिति और सीखने की प्रगति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो।
इससे शिक्षा व्यवस्था में
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पारदर्शिता,
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अनुशासन,
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जवाबदेही
तीनों में बढ़ोतरी होगी।

