Child Passport New Rules: 2026 से बच्चों के लिए पासपोर्ट बनवाना होगा और सरल

Child Passport New Rules
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Child Passport New Rules: केंद्र सरकार 15 फरवरी 2026 से पासपोर्ट नियमों में कुछ अहम बदलाव लागू करने की तैयारी में है। इन नए नियमों का असर न सिर्फ वयस्कों बल्कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों और किशोरों पर भी पड़ेगा। हालांकि आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार है, लेकिन सरकार की योजनाओं और संकेतों से साफ है कि पासपोर्ट प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल व सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

बच्चों के लिए क्या बदल सकता है?

नई व्यवस्था के तहत बच्चों के पासपोर्ट आवेदन में माता-पिता की सहमति और पहचान से जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन जमा करने की सुविधा दी जा सकती है। इससे अभिभावकों को बार-बार पासपोर्ट सेवा केंद्र के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

स्कूल आईडी, जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) और निवास प्रमाण जैसे जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप से अपलोड किए जा सकेंगे। इससे आवेदन प्रक्रिया तेज होगी और समय की बचत भी होगी। सरकार का उद्देश्य है कि अधिकतर प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सके और केवल आवश्यक स्थिति में ही व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी हो।

वर्तमान नियम क्या कहते हैं?

भारत में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को जारी किया गया पासपोर्ट सामान्यतः पांच साल के लिए वैध होता है या फिर बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूरी करने तक मान्य रहता है (जो भी पहले हो)।

बच्चों के पासपोर्ट के लिए आमतौर पर निम्न दस्तावेज जरूरी होते हैं:

  • माता-पिता दोनों के पासपोर्ट की कॉपी

  • बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र

  • निवास प्रमाण

  • माता-पिता की सहमति के लिए Annexure-H फॉर्म

यदि बच्चा सिंगल पैरेंट के साथ रहता है, तो तलाक, मृत्यु प्रमाण पत्र या अन्य कानूनी दस्तावेजों के साथ Annexure-C फॉर्म जमा करना होता है।

1 अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र को ही आयु प्रमाण के रूप में अनिवार्य माना गया है।

ऑनलाइन आवेदन और अपॉइंटमेंट जरूरी

बच्चों का पासपोर्ट बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन भरना अनिवार्य है। आवेदन के बाद पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) में अपॉइंटमेंट लेना होता है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन की आवश्यकता नहीं होती, केवल फोटो पर्याप्त होती है।

हालांकि, छोटे बच्चों को भी अपने माता-पिता या अभिभावक के साथ निर्धारित तिथि पर पासपोर्ट सेवा केंद्र में उपस्थित होना अनिवार्य है।

नए नियमों से क्या होगा फायदा?

यदि प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो:

  • दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो सकेगी।

  • पासपोर्ट कार्यालय में भीड़ कम होगी।

  • आवेदन की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी।

  • अभिभावकों का समय और मेहनत बचेगी।

डिजिटल इंडिया पहल के तहत सरकार लगातार सेवाओं को ऑनलाइन और सरल बनाने की दिशा में काम कर रही है। पासपोर्ट सेवा में यह बदलाव उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।

बच्चों के पासपोर्ट नियमों में प्रस्तावित बदलाव अभिभावकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकते हैं। ऑनलाइन दस्तावेज जमा करने और प्रक्रिया को आसान बनाने से पासपोर्ट बनवाना पहले से अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। हालांकि अंतिम नियमों और आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना जरूरी है, लेकिन संकेत बताते हैं कि 2026 से प्रक्रिया अधिक डिजिटल और सरल होने जा रही है।