LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत में रसोई गैस (LPG) को लेकर अचानक बढ़ी मांग ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से देश के कई हिस्सों में गैस सिलेंडर की कमी की खबरें और अफवाहें फैल रही थीं। इसी बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में LPG की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि लोगों द्वारा डर के कारण जरूरत से ज्यादा बुकिंग करने से सप्लाई चेन पर दबाव बन रहा है।
शुक्रवार को पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत में LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्यों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि गैस सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाए।
क्यों बढ़ा गैस सिलेंडर का दबाव?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सामान्य दिनों में देशभर में प्रतिदिन लगभग 50 से 55 लाख LPG सिलेंडरों की बुकिंग होती है। लेकिन हाल के दिनों में यह संख्या तेजी से बढ़कर 75 से 76 लाख बुकिंग प्रतिदिन तक पहुंच गई है। यानी हर दिन करीब 25 लाख अतिरिक्त बुकिंग हो रही है।
सरकार का मानना है कि यह अचानक बढ़ोतरी वास्तविक जरूरत के कारण नहीं, बल्कि “पैनिक बाइंग” की वजह से हो रही है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तेल सप्लाई को लेकर फैली आशंकाओं ने लोगों को ज्यादा सिलेंडर बुक करने के लिए प्रेरित किया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर बुक न करें। ऐसा करने से सप्लाई सिस्टम पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है।
कालाबाजारी पर सरकार का सख्त रुख
LPG संकट की अफवाहों के बीच सरकार ने गैस सिलेंडर की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग भी की है।
मीटिंग में राज्यों को निर्देश दिया गया कि वे जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से कालाबाजारी के खिलाफ अभियान चलाएं। जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को आदेश दिया गया है कि वे LPG की अवैध जमाखोरी करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें।
कुछ राज्यों में पहले ही बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के हापुड़ और झांसी में चोरी हुए गैस सिलेंडरों की बरामदगी की गई है और कई गोदामों को सील किया गया है। वहीं कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भी अवैध भंडारण के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में विशेष कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जहां गैस सप्लाई से जुड़ी शिकायतों और सूचनाओं को तुरंत दर्ज किया जा रहा है।
ग्राहकों के लिए बेहतर की गई व्यवस्था
सरकार ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को तेजी से हल करने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के कॉल सेंटर्स को भी मजबूत किया है। पहले जहां कॉल सेंटर में सीमित संसाधन थे, वहीं अब इन्हें अपग्रेड किया गया है।
कॉल सेंटर में सीटों की संख्या बढ़ाकर 400 कर दी गई है और टेलीफोन लाइनों की संख्या 50 तक बढ़ा दी गई है। इससे उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग, डिलीवरी या किसी अन्य समस्या के समाधान के लिए तुरंत सहायता मिल सकेगी।
अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि देश में LPG की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। अधिकारियों का कहना है कि अगर लोग अनावश्यक रूप से ज्यादा बुकिंग करते रहेंगे तो इससे अस्थायी रूप से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि मौजूदा स्थिति में संयम और जागरूकता बेहद जरूरी है। उपभोक्ताओं को केवल जरूरत के अनुसार ही गैस सिलेंडर बुक करना चाहिए ताकि पूरे देश में सप्लाई संतुलित बनी रहे।
सरकार का कहना है कि अगर कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

