बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान (Imran Khan) हाल के समय में अपनी फिल्मों से ज्यादा अपनी निजी जिंदगी और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात करने के कारण चर्चा में हैं। उन्होंने अपनी शादी, तलाक और सिंगल पिता बनने की यात्रा पर ईमानदारी से विचार साझा किए हैं। इमरान खान ने अपनी पूर्व पत्नी अवंतिका मलिक के साथ रिश्ते को “अनहेल्दी” बताते हुए कहा कि बेहतर मानसिक स्वास्थ्य और खुद को समझने की प्रक्रिया में उस रिश्ते को खत्म करना उनके लिए जरूरी हो गया था।
इमरान और अवंतिका की शादी साल 2011 में हुई थी। करीब आठ साल साथ रहने के बाद दोनों 2019 में अलग हो गए। इस रिश्ते से उनकी एक बेटी है, इमारा मलिक खान, जो आज इमरान की जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा है। अभिनेता ने बताया कि तलाक के बाद उन्होंने खुद को, अपनी मानसिक स्थिति को और अपने जीवन के उद्देश्य को नए सिरे से समझना शुरू किया।
इमरान खान ने ETimes से बातचीत में खुलासा किया कि उन्हें 2016 के आसपास यह एहसास होने लगा था कि उनकी जिंदगी में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि वह खुद को वैसा इंसान महसूस नहीं कर पा रहे थे, जैसा वे अपने दिमाग में खुद को देखते थे। उन्हें लगातार डर, असुरक्षा और अत्यधिक चिंता महसूस होती थी, जो उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और रिश्तों को प्रभावित कर रही थी।
2016 से 2018 के बीच इमरान ने एनालिसिस और सेल्फ-रिफ्लेक्शन के जरिए अपनी मेंटल हेल्थ पर काम करना शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने अपनी शादी को लेकर भी गंभीरता से सोचना शुरू किया। इस आत्ममंथन के बाद उन्हें यह समझ में आया कि अवंतिका के साथ उनका रिश्ता हेल्दी नहीं रह गया था और दोनों एक ऐसे भावनात्मक चक्र में फंस चुके थे, जिसे बिना बड़े बदलाव के तोड़ा नहीं जा सकता था।
इस कठिन दौर में इमरान खान के लिए उनकी बेटी इमारा सबसे बड़ा सहारा बनीं। उन्होंने कहा कि इमारा उनके जीवन की “रोशनी” हैं और वही उनकी मार्गदर्शक शक्ति बनी रहीं। इमरान के अनुसार, जब भी वह खुद को खोया हुआ महसूस करते थे, तब बेटी के प्रति उनका प्यार और जिम्मेदारी उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती थी।
एक सिंगल पिता के तौर पर इमरान खान ने अपनी बेटी की परवरिश में पूरी तरह सक्रिय भूमिका निभाने का फैसला किया। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कभी भी अपनी बेटी के लिए नैनी नहीं रखी। उनके लिए सबसे कीमती चीज इमारा के साथ बिताया गया समय है। इमरान और अवंतिका के बीच कस्टडी शेयरिंग है, जिसके तहत गुरुवार से रविवार तक इमारा उनके साथ रहती हैं।
इमरान ने बताया कि इन दिनों में वह अपनी बेटी की हर छोटी-बड़ी जरूरत का खुद ध्यान रखते हैं। रात में उसे कहानी सुनाकर सुलाना, सुबह उसे जगाना, उसका टिफिन पैक करना, स्कूल छोड़ना और स्कूल से वापस लाना—ये सभी जिम्मेदारियां वह खुद निभाते हैं। उनके मुताबिक, यही पल उनकी जिंदगी को मायने देते हैं और उन्हें एक बेहतर इंसान और पिता बनने की प्रेरणा देते हैं।
इमरान खान की यह ईमानदार बातचीत न सिर्फ सिंगल पैरेंटहुड की एक सकारात्मक तस्वीर पेश करती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-स्वीकृति और जिम्मेदार पेरेंटिंग पर भी एक मजबूत संदेश देती है। आज जब कई सेलेब्रिटीज अपनी निजी जिंदगी छिपाना पसंद करते हैं, इमरान का खुलकर बोलना कई लोगों के लिए प्रेरणादायक साबित हो रहा है।

