Cancer Awareness: कैंसर आज दुनिया की सबसे गंभीर बीमारियों में शामिल है और मृत्यु के प्रमुख कारणों में दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। भारत में फेफड़ों, मुंह, पेट, स्तन, सर्वाइकल और कोलोरेक्टल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बदलती जीवनशैली, गलत खान-पान और पर्यावरणीय कारकों के चलते यह खतरा लगातार गहराता जा रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018 में कैंसर के कारण करीब 96 लाख लोगों की जान गई थी, यानी हर छह मौतों में से एक मौत कैंसर से जुड़ी थी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में यह संकट और गंभीर होगा और 2050 तक कैंसर के नए मामलों की संख्या 3.5 करोड़ तक पहुंच सकती है।
कैंसर क्या है और क्यों बढ़ रहा है खतरा?
कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर बढ़ने लगती हैं और आसपास के स्वस्थ ऊतकों को नुकसान पहुंचाती हैं। असंतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि की कमी, तंबाकू-शराब का सेवन और प्रदूषण जैसे कारण इसके जोखिम को कई गुना बढ़ा देते हैं।
कैंसर के शुरुआती संकेत जिन पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है
डॉक्टरों के अनुसार, यदि कैंसर का पता शुरुआती चरण में चल जाए तो इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। समस्या यह है कि शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य बीमारियों जैसे लगते हैं, जिससे लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।
इन चेतावनी संकेतों पर सतर्क रहें:
-
मल त्याग की आदतों में बदलाव: लंबे समय तक दस्त या कब्ज बने रहना, मल त्याग में परेशानी, मल में खून आना या पेट में लगातार दर्द को हल्के में न लें। यह कोलोरेक्टल कैंसर का संकेत हो सकता है।
-
हर समय थकान महसूस होना: पर्याप्त आराम के बावजूद लगातार कमजोरी और थकान रहना, खासकर जब इसके साथ अन्य लक्षण भी हों।
-
बिना वजह वजन घटना: अगर अचानक शरीर का 10 प्रतिशत या उससे अधिक वजन कम हो जाए, तो सतर्क हो जाएं। यह पेट, लिवर, पैनक्रियास या इसोफैगस कैंसर से जुड़ा हो सकता है।
-
लगातार पेट दर्द या सूजन: ऐसा दर्द जो घरेलू उपायों या दवाओं से भी ठीक न हो।
-
लंबे समय तक खांसी या आवाज में बदलाव: आठ हफ्तों से ज्यादा समय तक खांसी रहना या आवाज का भारी होना फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकता है।
-
त्वचा या तिल में बदलाव: नई तिल का उभरना, पुरानी तिल का आकार या रंग बदलना, या ऐसे घाव जो लंबे समय तक न भरें, स्किन कैंसर की चेतावनी हो सकते हैं।
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
यह जरूरी नहीं कि हर लक्षण कैंसर का ही संकेत हो। कई बार ये आम स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से भी हो सकते हैं। लेकिन अगर लक्षण असामान्य हों, लंबे समय तक बने रहें या धीरे-धीरे बढ़ते जाएं, तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच कराएं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर पहचान कई बार जीवन बचा सकती है।

