2 दिन का नाश्ता घटाए खराब कोलेस्ट्रॉल, हार्ट अटैक का खतरा होगा कम: नई रिसर्च

Cholesterol
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दिल से जुड़ी बीमारियां आज दुनिया भर में मौत की सबसे बड़ी वजहों में शामिल हैं। चिंता की बात यह है कि अब हार्ट अटैक और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। खराब लाइफस्टाइल, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, जंक फूड का बढ़ता सेवन और तनाव भरी दिनचर्या इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। मोटापा, फैटी लिवर, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याएं दिल की सेहत पर सीधा असर डालती हैं।

हालांकि, राहत की बात यह है कि दिल को स्वस्थ रखने के लिए हमेशा महंगी दवाओं या जटिल इलाज की जरूरत नहीं होती। हाल ही में सामने आई एक नई रिसर्च बताती है कि सिर्फ दो दिन तक एक खास तरह का ब्रेकफास्ट अपनाने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) में तेजी से कमी लाई जा सकती है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा भी कम हो सकता है।

नई रिसर्च में क्या पता चला?

जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ बॉन के शोधकर्ताओं ने 32 पुरुषों और महिलाओं पर एक अध्ययन किया। इन सभी प्रतिभागियों को मेटाबॉलिक सिंड्रोम की समस्या थी, यानी वे मोटापा, हाई ब्लड शुगर, हाई बीपी और बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियों से जूझ रहे थे। रिसर्च में पाया गया कि केवल 48 घंटे तक ओटमील (जई का दलिया) खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL में करीब 10 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दो दिन की इस डाइट का असर 6 हफ्तों बाद तक भी बना रहा, जबकि प्रतिभागी इसके बाद अपनी सामान्य डाइट पर लौट आए थे। इसका मतलब यह है कि कम समय का सही डाइट एक्सपेरिमेंट भी शरीर पर लंबे समय तक सकारात्मक असर डाल सकता है।

मेटाबॉलिक सिंड्रोम क्या होता है?

मेटाबॉलिक सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है जिसमें कई स्वास्थ्य समस्याएं एक साथ पाई जाती हैं, जैसे—

  • अधिक वजन या मोटापा

  • हाई ब्लड प्रेशर

  • हाई ब्लड शुगर

  • खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का बढ़ना

इन सभी कारणों से हार्ट डिजीज, टाइप-2 डायबिटीज और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि इस रिसर्च को दिल की सेहत के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

ओटमील डाइट कैसे अपनाई गई?

रिसर्च के दौरान प्रतिभागियों को दो ग्रुप में बांटा गया।
पहले ग्रुप को दो दिन तक दिन में तीन बार केवल ओटमील दिया गया। ओट्स को पानी में उबालकर परोसा गया और थोड़ी मात्रा में फल या सब्जियां मिलाने की अनुमति थी। इस दौरान रोजाना करीब 300 ग्राम ओट्स दिए गए और कुल कैलोरी सामान्य डाइट से लगभग आधी रखी गई।

दूसरे ग्रुप में भी कैलोरी कम की गई, लेकिन उन्हें ओट्स खाने की अनुमति नहीं थी। दोनों ग्रुप को कुछ हद तक फायदा हुआ, लेकिन ओटमील खाने वाले ग्रुप में कोलेस्ट्रॉल और वजन घटाने का असर कहीं ज्यादा मजबूत और स्थायी रहा।

Oatmeal

48 घंटे में दिखे ये बड़े फायदे

स्टडी के मुताबिक, केवल दो दिन की ओटमील डाइट से—

  • खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) में लगभग 10% की कमी

  • औसतन 2 किलो तक वजन कम

  • ब्लड प्रेशर में हल्की गिरावट

डॉक्टरों का कहना है कि यह तरीका दवाओं जितना शक्तिशाली नहीं है, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित, प्राकृतिक और बिना साइड इफेक्ट के है।

ओट्स शरीर में कैसे काम करता है?

रिसर्च में यह भी सामने आया कि ओटमील खाने से आंतों के अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं। ये बैक्टीरिया ओट्स को पचाकर ऐसे तत्व बनाते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने, इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करने और डायबिटीज के खतरे को घटाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि ओट्स को दिल और मेटाबॉलिक हेल्थ दोनों के लिए फायदेमंद माना जाता है।

कब मिलता है ज्यादा फायदा?

स्टडी के अनुसार, रोज थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ओट्स खाने से उतना असर नहीं दिखा, जितना कम समय में ज्यादा मात्रा लेने से हुआ। रिसर्चर्स का मानना है कि अगर लोग हर 6 हफ्ते में सिर्फ 2 दिन की ओटमील डाइट अपनाएं, तो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखा जा सकता है और हार्ट अटैक का जोखिम काफी हद तक घटाया जा सकता है।

कुल मिलाकर, दिल को स्वस्थ रखने के लिए डाइट में छोटे लेकिन सही बदलाव चमत्कारी असर दिखा सकते हैं। सिर्फ दो दिन का सही ब्रेकफास्ट भी सेहत के लिए बड़ा फायदा दे सकता है।