Neem Karoli Baba film: पोस्टर लॉन्च, प्रेमानंद जी महाराज की चेतावनी से बढ़ी चर्चा

Neem Karoli Baba film
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Neem Karoli Baba film: प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित एक फिल्म इन दिनों चर्चा में है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ‘श्री बाबा नीब करोरी महाराज’ फिल्म का प्रोमो और पोस्टर लॉन्च किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा का दिव्य जीवन आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

पोस्टर लॉन्च कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें योग गुरु स्वामी रामदेव, स्वामी चिदानंद सरस्वती, फिल्म निर्देशक शरद सिंह ठाकुर और अन्य कलाकार शामिल थे। फिल्म में सुबोध भावे, हितेन तेजवानी और मोहित गुप्ता जैसे जाने-माने कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

कुछ समय पहले अभिनेता हितेन तेजवानी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए इसे पूरी टीम के लिए एक खास पल बताया था। उन्होंने दर्शकों से अपील की थी कि वे इस फिल्म को अपना प्यार और समर्थन दें।

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नीम करोली बाबा का प्रसिद्ध आश्रम कैंची धाम में स्थित है, जो नैनीताल-अल्मोड़ा मार्ग पर पड़ता है। यह स्थान भक्तों के लिए एक प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

हालांकि, इस फिल्म को लेकर पहले ही एक महत्वपूर्ण चेतावनी सामने आ चुकी है। आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद जी महाराज ने फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को सावधान रहने की सलाह दी थी। फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर जब उनसे मार्गदर्शन लेने पहुंचीं, तब उन्होंने महापुरुषों के जीवन को पर्दे पर प्रस्तुत करने की गंभीरता पर जोर दिया।

प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि किसी भी महापुरुष का सही चित्रण करना बेहद कठिन कार्य होता है। उन्होंने चेताया कि फिल्म में किसी भी प्रकार की सांसारिकता या गलत प्रस्तुति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ऐसे चरित्रों को देखकर दर्शकों के भीतर वैराग्य, भक्ति और ज्ञान की भावना उत्पन्न होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चित्रण में कोई त्रुटि हुई, तो यह न केवल दर्शकों को भ्रमित कर सकता है बल्कि इसे एक प्रकार का अपराध भी माना जा सकता है।

यह फिल्म न केवल एक धार्मिक या जीवनी आधारित प्रोजेक्ट है, बल्कि इसके जरिए निर्माताओं की कोशिश है कि वे संत नीम करोली बाबा के जीवन संदेश और आध्यात्मिक शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचा सकें। हालांकि, इसे लेकर उठ रही सावधानियों और चेतावनियों ने इस प्रोजेक्ट को और भी संवेदनशील और चर्चा का विषय बना दिया है।