Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Review : एक साफ़ सुथरी फॅमिली ओरिएंटेड फिल्म, मगर गलत समय पर रिलीज होने का खामियाजा भुगतने को तैयार

Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Review: A clean, family-oriented film, but suffers the consequences of releasing at the wrong time
Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Review: A clean, family-oriented film, but suffers the consequences of releasing at the wrong time

Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Review: आज के समय में मनोरंजन की दुनिया में सबसे मुश्किल काम है एक शुद्ध फॅमिली ओरिएंटेड फिल्म बनाना और उससे भी मुश्किल है उसे दर्शक मिल पाना। ऐसे में कपिल शर्मा अपनी शुद्ध फॅमिली ओरिएंटेड फिल्म लेकर आये है जिसका नाम है “किस किसको प्यार करूँ 2”, जिसका निर्देशन अनुकल्प गोस्वामी ने किया है। इस फिल्म के साथ सबसे बड़ी चुनौती है इसका गलत टाइम पर रिलीज होना, इस समय जहाँ बॉक्स ऑफिस पर फिल्म धुरंधर ने गर्दा उड़ा रखा है, इसको देखते हुए फिल्म मेकर्स को रिलीज को टाल देना चाहिए था, मैं इतना ही कहूँगा कि एक अच्छी फिल्म गलत समय पर रिलीज हो गयी, जिसका खामियाजा मेकर्स को भुगतना पड़ेगा ।

बहराल, इससे पहले 2015 में कपिल शर्मा किस किसको प्यार करूँ लेकर आये थे, जो काफी पसंद की गयी थी, ऐसे में जानते है कि क्या किस किसको प्यार करूँ 2 फिल्म देखने लायक है या नहीं –

फिल्म की कहानी वही है जो इसके पहले पार्ट में थी, एक इन्सान जिसकी तीन लड़कियों से शादी हो जाती है, हालाँकि इस बार तीन नहीं 5 नायिकाओं का दिल कपिल चुराते है, जिसमे से 3 से शादी करने के लिए उन्हें अपना धर्म भी बदलना पड़ता है । फिल्म के कई दृश्य आपको लोट पोट कर देंगे। फिल्म का क्लाइमेक्स भी काफी सही है, और ज़बरदस्ती ठूसा हुआ नहीं लगता है। इसके अलावा फिल्म एकता और सर्व धर्म सम्मान की बात करती है, जो कि ऐसा विषय है जो आज की फिल्मों से गायब होता जा रहा है ।

फिल्म में कपिल शर्मा और मनजोत सिंह अपने चित-परिचित अंदाज़ मे नज़र आते है। वहीँ नायिकाओं में हीरा वरीना, त्रिधा चौधरी, पारुल गुलाटी और आयेशा खान मुख्य भूमिका में है,मगर स्क्रीन पर जो चेहरा सबसे ज्यादा प्यारा लगता है वो पारुल गुलाटी का है । आश्रम वेब सीरिज से लाइम लाइट में आई त्रिधा चौधरी का एक बोल्ड सोंग भी फिल्म में है।

लड़के के हिन्दू पिता के किरदार में अखिलेन्द्र मिश्रा और लड़की के मुस्लिम पिता के किरदार में विपिन शर्मा हँसाने में कामयाब रहते है। असरानी की ये आखिरी फिल्म होगी जिसमे वो सिल्वर स्क्रीन पर नज़र आये। वहीँ सुशांत सिंह, स्मिता जेकर, सुप्रिया शुक्ला और यशपाल शर्मा भी अपनी भूमिका में फबते है। जेमी लिवर फिल्म में क्यों थी ये समझ से बाहर है, न तो उनसे ढंग से कॉमेडी ही हो पायी और न ही उनके किरदार को ज्यादा अहमियत दी गयी है।

अगर आप धुरंधर के खून खराबें से उब चुके है तो एक हल्की फुलकी फॅमिली कॉमेडी फिल्म आपके लिए ही बनी है, जिसे इस वीकेंड पर अपनी पूरी फॅमिली के साथ देख सकते है।