महाकुंभ पर सबसे विस्तृत, शोधपरक एवं आकर्षक साहित्य काउंसिल ने किया तैयार

महाकुंभ पर इस साहित्य का शीर्षक है- ‘महाकुंभ का महामंथन’

नई दिल्ली। रामायण रिसर्च काउंसिल’ ने महाकुंभ पर एक विस्तृत, शोधपरक एवं आकर्षक साहित्य को तैयार किया है। ‘महाकुंभ का महामंथन’ शीर्षक वाले इस कॉन्सेप्ट के सूत्रधार 11 वर्षीय बाल-व्यास वैदेहीनंदन पंडित वेदांतजी हैं। इस विषय की जानकारी देते हुए काउंसिल के सचिव पितांबर मिश्र बताते हैं कि आने वाली पीढ़ी सदियों बाद भी इस विषय पर शोध कर सके, संदर्भ ले सके, ज्ञान प्राप्त कर सके तथा अपने सनातन के गौरव पर गर्व कर सके, इसके लिए हमने इस साहित्य में महाकुंभ, अखाड़ा व इस दौरान स्नान से संबंधित कई आध्यात्मिक जानकारियों को सम्मिलित किया है। पितांबर कहते हैं कि इस साहित्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं संघ के क्षेत्रीय संघचालक (उत्तर क्षेत्र) पवन जिंदल जी ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए हैं, वहीं, यूपी के कई विभागों के तत्कालीन प्रमुख सचिव व अधिकारियों ने भी इसमें अपने विचार दिए हैं।
वहीं, काउंसिल में राष्ट्रीय युवा संयोजक एवं भाजपा में राष्ट्रीय मीडिया पैनेलिस्ट जयराम विप्लव के अनुसार, इस आकर्षक साहित्य में हमने महाकुंभ की तैयारी, यह आयोजन, इसके क्रियान्वयन तथा इसके वैश्विक दूरगामी संदेश को क्रमबद्ध तरीके से कवर किया है। पूर्ण विश्वास के साथ जयराम बताते हैं कि जब आप इस साहित्य ‘महाकुंभ का महामंथन’ की प्रस्तुति को देखेंगे तो आप कहेंगे कि महाकुंभ पर इस तरह का आकर्षक एवं व्यापक साहित्य आपके संज्ञान में नहीं आया है। जयराम बताते हैं कि काउंसिल ने इन सभी सामग्रियों को डिजिटल रूप से प्रसार करने के लिए www.mahakumbhinfo.com को भी तैयार किया है, जिस पर हमारे पास एकत्रित हुए महाकुंभ की सारी सामग्रियों को शीघ्र ही ऑनलाइन भी किया जाएगा। उनके अनुसार, पूरे काउंसिल परिवार की इच्छा है कि इसकी पहली प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को भेंट करने के बाद ही जाए इसे जनमानस में लाया जाए।
काउंसिल के ट्रस्टी देव रत्न शर्मा के अनुसार, काउंसिल ने ‘महाकुंभ का महामंथन’ को अंग्रेजी में भी तैयार किया है ताकि सनातन परंपरा के इस ऐतिहासिक विषय (महाकुंभ का महामंथन) को कई देशों में ले जा सकें। वहीं, काउंसिल के ट्रस्टी अंबर अग्रवाल बताते हैं कि काउंसिल देश में सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन हेतु साहित्य-सृजन पर विशेष कार्य अनवरत करती रही है।
काउंसिल के सचिव पितांबर कहते हैं कि आगामी नासिक, हरिद्वार एवं उज्जैन में आयोजित होने वाले कुंभ पर भी इसी तरह का दस्तावेज काउंसिल तैयार करेगी।