Greater Noida में दो सादगीभरी शादियां बनीं मिसाल, दूल्हों ने दहेज में सिर्फ 1 और 101 रुपये स्वीकार किए

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Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में इस बार शादियों का मौसम सामाजिक संदेशों से भरपूर रहा। शहर की दो अनोखी शादियां इन दिनों पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। वजह है– दोनों दूल्हों द्वारा बिना दहेज शादी करना और सिर्फ प्रतीकात्मक रूप से 1 रुपये व 101 रुपये लेना। इन परिवारों की सोच और सादगी की लोग खुलकर सराहना कर रहे हैं।

श्यौराजपुर गांव के निवासी रूपेश भाटी ने अपने बेटे प्रशांत भाटी की शादी पूरी सादगी के साथ की। दहेज विरोधी रूपेश ने कन्यादान में केवल 101 रुपये स्वीकार कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया। 30 नवंबर को प्रशांत की शादी नोएडा सेक्टर-31 के निठारी गांव निवासी गायत्री से हुई। रूपेश भाटी ने बताया कि आजकल शादियों में अनावश्यक खर्च और दहेज संस्कृति बढ़ रही है, लेकिन उनकी इच्छा है कि समाज में इस कुप्रथा को खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि फिजूलखर्ची की बजाय पैसे को शिक्षा और जरूरी जरूरतों पर खर्च करना बेहतर है।

रूपेश ने पारंपरिक भात रस्म में भी सिर्फ 101 रुपये ही लिए। वे मानते हैं कि शादी प्यार और विश्वास का बंधन है, न कि धन-दौलत के लेन-देन का माध्यम। प्रशांत भाटी पीजीडीएम कर चुके हैं और अपने पिता के व्यवसाय में हाथ बंटाते हैं। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी की शादी भी बिना दहेज के करने की इच्छा है।

इसी तरह पैरामाउंट गोल्फ फोरेस्टे सोसायटी में रहने वाले कुणाल तोंगड़ ने भी अनोखी मिसाल पेश की। कुणाल ने अपनी शादी में दहेज के रूप में सिर्फ 1 रुपया स्वीकार किया। उनके भाई विशाल तोंगड़ ने बताया कि उनके पिता सतीश तोंगड़ दहेज के कट्टर विरोधी थे और चाहते थे कि उनके सभी बेटे बिना दहेज शादी करें। पिता की इस इच्छा को ध्यान में रखते हुए कुणाल ने 30 नवंबर को हिमांशी (पिता – तेजराम बिधूड़ी) से नोएडा सेक्टर-48 के वैंकेट हॉल में विवाह किया।

विशाल ने बताया कि उनके तीसरे भाई हर्ष भी एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं और परिवार चाहता है कि उसकी शादी भी बिना दहेज की परंपरा को आगे बढ़ाए। इन दोनों शादियों में शामिल लोगों ने दूल्हे पक्ष की इस सराहनीय पहल को खूब सराहा और कहा कि ऐसी सोच से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा, क्योंकि इससे लड़की पक्ष पर आर्थिक दबाव कम हो जाता है।