बीएआई ने सरकार से अलग मंत्रालय बनाये जाने की माँग की

– यह मंत्रालय बिल्डर और खरीदारों की समस्याओं के लिए करे काम
– ⁠- बीएआई के सम्मेलन में नए लेबर कानून के प्रभावों पर चर्चा
– ⁠नए श्रम क़ानूनों से श्रमिकों को कितना होगा फायदा
– ⁠नए क़ानून की ज़रूरत क्यों पड़ी , इसपर भी हुई चर्चा
– भारत मंडपम में बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया की वार्षिक बिजनेस मीट

नई दिल्ली। बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) की ओर से आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित वार्षिक बिजनेस मीट में भारत सरकार से एक अलग से मंत्रालय बनाये जाने की माँग की गई । इस मंत्रालय के बनने से बिल्डर और उपभोक्ता दोनों की समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है । इस दौरान “न्यू लेबर कोड और कंस्ट्रक्शन सेक्टर पर इसके प्रभाव” विषय पर एक सम्मेलन भी हुआ, जिसमें वक्ताओं ने सरकार द्वारा प्रस्तावित चार नए लेबर कोड के प्रभावों के बारे में अपने विचार रखे। सम्मेलन को भारत सरकार के पूर्व लेबर कमिश्नर डॉ ओंकार शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया।

उन्होंने नए लेबर क़ानून के लागू होने के बाद श्रमिकों और मज़दूरों को मिलने वाले फायदों और नुकसान पर बात की। साथ ही निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों पर इसके प्रभाव पर भी चर्चा की। नॉर्थ बीएआई आईएमएम उपाध्यक्ष राजीव गोयल ने उम्मीद जताई कि नए कानून आने के बाद कंस्ट्रक्शन बिजनेस से जुड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों को और अधिक सुविधाएं दे पाएंगी। सेमिनार में दिल्ली सरकार के डिप्टी लेबर कमिश्नर शशि भूषण और एलईएक्स एलायंस के मैनेजिंग पार्टनर एडवोकेट जीतेश पांडेय ने भी अपने विचार रखे।

टेक्निकल सेशन में कोड ऑन इंडस्ट्रियल रिलेशन्स, ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ और वर्किंग कंडीशन्स कोड, कोड ऑन वेज, कानूनी नियमों में मुख्य बदलाव और वर्कफोर्स क्लासिफिकेशन पर लेबर कोड के प्रभाव जैसे ज़रूरी मुद्दों पर चर्चा हुई। दिल्ली सरकार के संयुक्त श्रम आयुक्त डॉ रति सिंह फोगाट ने चार नए श्रम क़ानूनों के अनुपालन और कार्यबल वर्गीकरण पर विस्तार से प्रकाश डाला । कार्यकम का

संचालन सुप्रीम कोर्ट की वकील डॉ शुचि भारती ने किया। कार्यक्रम में हरियाणा बीएआई के स्टेट चैयरमैन प्रेम खमेसरा, बीएआई के पूर्व अध्यक्ष राम निवास गुप्ता, नॉर्थ बीएआई के उपाध्यक्ष राम अवतार , लाल चंद शर्मा (ट्रस्टी) , अमित पसरीचा (स्टेट चेयरमैन दिल्ली बी ए आई), वेद खुराना (पूर्व चेयरमैन दिल्ली और चेयरमैन सीपीडब्ल्यूडी एंड पीएसयू कॉर्डिनेशन कमेटी) आदि उपस्थित रहे।