प्रसिद्ध निवेशक और मशहूर किताब Rich Dad Poor Dad के लेखक Robert Kiyosaki ने एक बार फिर संभावित स्टॉक मार्केट क्रैश को लेकर चेतावनी दी है। 17 फरवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा कि एक बड़ी बाजार गिरावट नजदीक हो सकती है। कियोसाकी के अनुसार, यह संकट कुछ लोगों के लिए डरावना साबित होगा, लेकिन जो निवेशक पहले से तैयार हैं, उनके लिए यह “जिंदगी का सबसे बड़ा मौका” बन सकता है।
क्यों बार-बार दे रहे हैं चेतावनी?
कियोसाकी लंबे समय से मौजूदा वित्तीय सिस्टम की आलोचना करते रहे हैं। उनका मानना है कि आज की अर्थव्यवस्था भारी कर्ज, बढ़ती मुद्रास्फीति और कमजोर रिटायरमेंट संरचना पर टिकी हुई है। वे इसे एक बड़ा “फाइनेंशियल बबल” बताते हैं, जो कभी भी फूट सकता है।
अपनी 2013 में प्रकाशित किताब Rich Dad’s Prophecy में भी उन्होंने भविष्य में बड़े आर्थिक संकट की संभावना जताई थी। उनका कहना है कि बाजार में कृत्रिम उछाल लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होता। जब भी बड़ा सुधार या गिरावट आती है, तब असली परीक्षा निवेशकों की समझ और धैर्य की होती है।
संकट में अवसर की तलाश
कियोसाकी का मानना है कि आर्थिक मंदी या बाजार क्रैश केवल नुकसान का समय नहीं होता, बल्कि यह संपत्ति बनाने का भी अवसर होता है। उनका तर्क है कि जब घबराहट में लोग अपनी होल्डिंग बेचते हैं, तब समझदार निवेशक मजबूत एसेट्स को कम कीमत पर खरीद सकते हैं।
उन्होंने अपने निवेश पोर्टफोलियो के बारे में भी खुलासा किया है। कियोसाकी के अनुसार, वे “पेपर एसेट्स” यानी केवल कागजी निवेश पर भरोसा नहीं करते। इसके बजाय वे सोना, चांदी और Bitcoin जैसे वास्तविक और सीमित सप्लाई वाले एसेट्स में निवेश करना पसंद करते हैं।
बिटकॉइन पर भरोसा क्यों?
कियोसाकी ने विशेष रूप से बिटकॉइन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी अधिकतम सप्लाई 21 मिलियन कॉइन तक सीमित है। उनके अनुसार, यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। पारंपरिक मुद्रा की तरह इसे अनियंत्रित रूप से प्रिंट नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि वे इसे अस्थिर बाजार में संभावित “हेज” यानी सुरक्षा कवच मानते हैं।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिटकॉइन अपने ऑल-टाइम हाई 1,27,000 डॉलर से लगभग 40% नीचे ट्रेड कर रहा है। हालिया गिरावट के चलते वैश्विक क्रिप्टो मार्केट वैल्यू में भी करीब 2 ट्रिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, कियोसाकी इसे घबराने का संकेत नहीं, बल्कि “सेल” का मौका मानते हैं।
तैयार निवेशक बनाम घबराए निवेशक
कियोसाकी का स्पष्ट संदेश है कि जो लोग आर्थिक शिक्षा और रणनीति के साथ निवेश करते हैं, वे संकट के समय मजबूत होकर उभरते हैं। वहीं, बिना योजना के निवेश करने वाले लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उनके मुताबिक, आर्थिक मंदी से डरने के बजाय उससे सीखना और सही समय पर सही कदम उठाना जरूरी है। वे बार-बार वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) पर जोर देते हैं और कहते हैं कि निवेश से पहले ज्ञान और तैयारी सबसे बड़ा हथियार है।
रॉबर्ट कियोसाकी की चेतावनी नई नहीं है, लेकिन हर बार उनका संदेश एक जैसा रहता है—संकट से घबराएं नहीं, बल्कि उसे अवसर में बदलें। उनका मानना है कि आने वाला बाजार सुधार कुछ निवेशकों के लिए मुश्किल समय ला सकता है, लेकिन समझदारी से कदम उठाने वालों के लिए यह संपत्ति बनाने का ऐतिहासिक मौका भी बन सकता है।
अब देखना यह होगा कि बाजार किस दिशा में जाता है। लेकिन एक बात साफ है—कियोसाकी की राय निवेशकों के बीच बहस और चर्चा जरूर छेड़ देती है।

