मथुरा में पानी का हाहाकार: अडींग गांव में बूंद-बूंद को तरसते लोग, 39 करोड़ की ग्रांट का रहस्य

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गोवर्धन ब्लॉक के अडींग गांव में पानी की भयंकर किल्लत ने हालात विस्फोटक बना दिए हैं। बीते पंद्रह दिनों से ग्रामीणों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा। सप्लाई लाइनें सूखी पड़ी हैं, हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है और लोग मजबूरी में निजी टैंकरों से पानी खरीद रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि जैसे ही गांव में पानी का टैंकर पहुंचता है, भगदड़ और धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है।

टैंकर आते ही मचती है अफरा-तफरी

ग्रामीणों का कहना है कि पानी भरने के दौरान लूट जैसी स्थिति बन जाती है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बर्तन लेकर टैंकर की ओर दौड़ पड़ते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग पानी के लिए किस कदर संघर्ष कर रहे हैं। कई महिलाएं रोजाना एक-एक किलोमीटर दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं।

39 करोड़ की ग्रांट, फिर भी सूखा गांव

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अडींग गांव को विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार से 39 करोड़ रुपये की विशेष ग्रांट दी गई थी। इसके बावजूद गांव आज भी प्यासा है। ग्रामीणों का आरोप है कि न तो पाइपलाइन की मरम्मत की गई और न ही कोई वैकल्पिक जल स्रोत उपलब्ध कराया गया।

प्रशासन पर गंभीर सवाल

स्थानीय निवासी जमील खान ने बताया, “एक हफ्ते से गांव में पानी नहीं आ रहा। महिलाएं और बच्चे दूर-दूर से पानी ढो रहे हैं। ग्राम प्रधान और जल निगम किसी ने भी हमारी सुध नहीं ली। जो टैंकर आया, वह भी किसी समाजसेवी ने भेजा था, वरना हालात और खराब हो जाते।”

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने प्रशासन और जल निगम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही पानी की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।