Saat Nischay-2: बिहार में सिंचाई विस्तार की बड़ी पहल, हजारों योजनाओं से हर खेत तक पहुंचेगा पानी

Saat Nischay
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पटना: बिहार सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। राज्य की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय-2 (Saat Nischay-2) के तहत चल रही ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ पहल अब जमीन पर असर दिखाने लगी है। लघु जल संसाधन विभाग द्वारा इस योजना के अंतर्गत सैकड़ों परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जबकि शेष पर कार्य तेज़ी से जारी है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के अधिकतम कृषि क्षेत्र को भरोसेमंद सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाए।

चार साल में 1300 से अधिक योजनाएं पूरी
लघु जल संसाधन विभाग के अनुसार, वर्ष 2021-22 से 2024-25 के बीच कुल 2280 सिंचाई योजनाओं को चयनित किया गया था। इनमें से 1953 योजनाओं पर कार्य प्रारंभ किया गया, जिनमें से करीब 1305 योजनाएं चार वर्षों के भीतर पूरी कर ली गई हैं। इन परियोजनाओं पर अब तक लगभग 1294.816 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। विभाग का दावा है कि तय समयसीमा के भीतर शेष योजनाओं को भी पूरा कर लिया जाएगा।

आहर-पईन से लेकर चेक डैम तक व्यापक कार्य
इस योजना के तहत पारंपरिक और आधुनिक दोनों प्रकार की सिंचाई संरचनाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, शुरू की गई 1953 योजनाओं में 1551 आहर-पईन का जीर्णोद्धार, 82 वीयर/चेक डैम का निर्माण और 320 उदवह सिंचाई योजनाएं शामिल हैं। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल का बेहतर संचयन और वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे सूखे के समय भी किसानों को राहत मिल सके।

610 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को मिलेगा लाभ
सरकार का अनुमान है कि इन योजनाओं के पूर्ण होने से राज्य के करीब 6.10 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का पुनर्विकास होगा। इससे न केवल फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में भी सुधार आएगा। विशेषकर सूखाग्रस्त और वर्षा पर निर्भर इलाकों में यह योजना खेती के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है।

किसानों में बढ़ा भरोसा
योजना के सकारात्मक प्रभाव अब गांवों में दिखाई देने लगे हैं। कई जिलों में किसानों का कहना है कि वर्षों से सूखी पड़ी नहरों और आहर-पईन के पुनर्जीवित होने से खेतों तक पानी पहुंचने लगा है। इससे रबी और खरीफ दोनों मौसमों में खेती करना आसान हुआ है। विभागीय अधिकारी भी इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने में जुटे हुए हैं।

कृषि आत्मनिर्भरता की ओर बिहार
राज्य सरकार का मानना है कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से कृषि उत्पादन में स्थिरता आएगी और बिहार को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। सात निश्चय-2 के तहत चल रही यह योजना आने वाले वर्षों में राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने का काम करेगी।