India vs New Zealand: आगामी वनडे श्रृंखला के लिए भारत की टीम का ऐलान हो गया है, लेकिन अनुभवी तेज गेंदबाज़ मोहम्मद शमी को एक बार फिर जगह नहीं मिली। शनिवार, 3 दिसंबर को बीसीसीआई द्वारा घोषित 15 सदस्यीय टीम में मोहम्मद सिराज की वापसी हुई है, जिन्हें इस सीरीज़ में गेंदबाज़ी आक्रमण की अगुवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है।
जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या को आराम दिए जाने के बाद यह माना जा रहा था कि न्यूज़ीलैंड के खिलाफ यह सीरीज़ शमी के लिए वापसी का मौका बन सकती है। उनके अनुभव और हालिया घरेलू प्रदर्शन को देखते हुए उम्मीदें भी बढ़ी थीं। लेकिन चयनकर्ताओं ने एक बार फिर युवा गेंदबाज़ों पर भरोसा जताते हुए भविष्य के लिए टीम तैयार करने का संकेत दिया है।
शमी ने घरेलू सत्र में बंगाल के लिए लगातार मेहनत की और शानदार प्रदर्शन भी दिखाया। रणजी ट्रॉफी 2025–26 में उन्होंने सिर्फ चार मैचों में 20 विकेट झटके, जिससे बंगाल को कई अहम मौकों पर फायदा मिला। इसके बाद उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और चल रहे विजय हजारे ट्रॉफी में भी अपनी लय बरकरार रखी।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शमी ने सात मैचों में 16 विकेट हासिल किए और औसत 14.93 का रहा — जबकि बंगाल का अभियान खास नहीं रहा। विजय हजारे ट्रॉफी में भी उन्होंने पांच मैचों में नौ विकेट चटकाए और टीम को कई मुकाबले जीताने में योगदान दिया।
इसके बावजूद, टीम इंडिया में उनकी वापसी अभी भी दूर दिखाई देती है। शमी ने भारत के लिए आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेला था, जहाँ वह टूर्नामेंट के संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों में शामिल थे और नौ विकेट अपने नाम किए थे। उसके बाद से वे इंग्लैंड दौरे, ऑस्ट्रेलिया की व्हाइट-बॉल सीरीज़ और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मुकाबलों में भी टीम से बाहर रहे।
चयन से पहले शमी के करीबी सूत्रों ने विश्वास जताया था कि न्यूज़ीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की इस सीरीज़ के लिए उन्हें गंभीर विकल्प के तौर पर देखा जाएगा। लेकिन चयनकर्ताओं ने मोहम्मद सिराज को मुख्य तेज गेंदबाज़ की भूमिका दी है, जबकि हरशित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह pace attack का हिस्सा होंगे। यह संयोजन अनुभव के साथ-साथ युवा ऊर्जा का मिश्रण प्रस्तुत करता है।
स्पष्ट है कि भारतीय टीम प्रबंधन का ध्यान फिलहाल वर्कलोड मैनेजमेंट और भविष्य के लिए मजबूत बैकअप तैयार करने पर है। हालांकि शमी के अनुभव और रिकॉर्ड को देखते हुए उनकी गैर-मौजूदगी चर्चा का विषय जरूर बनेगी, लेकिन टीम चयन से यह संदेश भी मिलता है कि नई पीढ़ी के गेंदबाज़ों को लगातार मौके देने की योजना जारी रहेगी।
शमी के लिए वापसी का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं है — लेकिन चुनौतीपूर्ण जरूर है। फिटनेस, फॉर्म और घरेलू एवं फ्रेंचाइज़ क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन ही आगे उनका रास्ता तय करेंगे। 35 साल की उम्र में भी उनका अनुभव टीम के लिए बहुमूल्य है, मगर प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं ज्यादा कड़ी हो चुकी है।
अब निगाहें इस बात पर होंगी कि न्यूज़ीलैंड के खिलाफ यह नई गेंदबाज़ी इकाई कैसा प्रदर्शन करती है — और क्या आने वाले समय में शमी के लिए टीम के दरवाज़े फिर से खुलते हैं।
भारत की टीम — न्यूज़ीलैंड ODI सीरीज़
शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद सिराज, हरशित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, यशस्वी जायसवाल।

