Highest Death Rate: जब वैश्विक आबादी 8 अरब के पार पहुंच चुकी है, तब आमतौर पर चर्चा जनसंख्या वृद्धि और जन्मदर के इर्द-गिर्द घूमती रहती है। लेकिन इसी तस्वीर का एक दूसरा और गंभीर पहलू भी है—दुनिया के अलग-अलग देशों में हर घंटे कितनी मौतें हो रही हैं। हालिया ग्लोबल इंडेक्स रिपोर्ट ने इसी सवाल का जवाब देते हुए ऐसे आंकड़े पेश किए हैं, जो चौंकाने वाले हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन देशों की आबादी सबसे ज्यादा है, वही देश प्रति घंटे मौतों की संख्या में भी शीर्ष पर नजर आते हैं। ये आंकड़े केवल जनसंख्या का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं, जीवनशैली और सामाजिक-आर्थिक हालात का भी आईना दिखाते हैं।
चीन सबसे ऊपर
इस सूची में चीन पहले स्थान पर है। रिपोर्ट के अनुसार, वहां औसतन हर घंटे करीब 1,221 लोगों की मौत होती है। विशाल जनसंख्या के साथ उम्रदराज आबादी और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां इस आंकड़े को और गंभीर बनाती हैं।
भारत दूसरे नंबर पर
भारत इस सूची में दूसरे स्थान पर है, जहां हर घंटे लगभग 1,069 लोगों की जान जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह आंकड़ा जनसंख्या के आकार, स्वास्थ्य ढांचे, जीवनशैली और सामाजिक-आर्थिक कारकों की संयुक्त तस्वीर पेश करता है।
अमेरिका भी सूची में ऊपर
दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका तीसरे स्थान पर है। यहां औसतन 332 मौतें प्रति घंटा दर्ज की जाती हैं। यह दर्शाता है कि विकसित देशों में भी स्वास्थ्य जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।
टॉप-10 देशों की सूची
रिपोर्ट में अन्य देशों की स्थिति भी सामने आई है—
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नाइजीरिया चौथे स्थान पर है, जहां हर घंटे करीब 313 मौतें होती हैं
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इंडोनेशिया पांचवें नंबर पर है, औसतन 238 मौतें प्रति घंटा
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रूस छठे स्थान पर, 198 मौतें प्रति घंटा
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पाकिस्तान सातवें नंबर पर, जहां 181 मौतें प्रति घंटा दर्ज होती हैं
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जापान आठवें स्थान पर, लगभग 180 मौतें प्रति घंटा
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ब्राजील नौवें नंबर पर, 167 मौतें प्रति घंटा
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जर्मनी दसवें स्थान पर, जहां हर घंटे करीब 108 लोग अपनी जान गंवाते हैं
एक गंभीर चेतावनी
यह रिपोर्ट सिर्फ आंकड़ों की सूची नहीं, बल्कि दुनिया के लिए एक चेतावनी भी है। बढ़ती आबादी के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, जागरूक जीवनशैली और मजबूत सामाजिक ढांचे की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा महसूस की जा रही है।

