Silver Price: चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, सोने से तेज़ रफ्तार के पीछे क्या हैं बड़े कारण?

silver price today
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Silver Price Today: कीमती धातुओं के बाजार में इन दिनों सोना ही नहीं, बल्कि चांदी भी सुर्खियों में है। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके सोने के बीच चांदी ने अचानक जबरदस्त उछाल दर्ज करते हुए नया ऑलटाइम हाई बना लिया है। एक ही सत्र में आई तेज़ बढ़त ने निवेशकों और बाजार विश्लेषकों का ध्यान चांदी की ओर खींच लिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की यह मजबूती सिर्फ सुरक्षित निवेश (सेफ हैवेन) की मांग का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैश्विक आर्थिक संकेत, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और तेज़ होती औद्योगिक मांग जैसे कई बड़े फैक्टर काम कर रहे हैं।

सोने के बाद चांदी बनी निवेशकों की पसंद

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लगातार महंगे होने के बाद अब निवेशकों का रुझान चांदी की ओर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिका और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में ब्याज दरों में आगे और कटौती की संभावनाओं ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है। जब ब्याज दरें घटती हैं, तो सोना और चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियां निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक बन जाती हैं।

यही वजह है कि सोने के ऊंचे दामों के बीच निवेशक चांदी को वैकल्पिक सेफ हैवेन के रूप में देखने लगे हैं।

MCX पर चांदी का नया ऑलटाइम हाई

घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च एक्सपायरी वाली चांदी में सोमवार को करीब 2.39 प्रतिशत की तेज़ी देखने को मिली। कारोबार के दौरान चांदी लगभग ₹2,13,412 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती दिखी और इसी सत्र में इसने ₹2,13,844 प्रति किलोग्राम का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छू लिया।

बाजार जानकारों के अनुसार, घरेलू कीमतों में यह उछाल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बनी मजबूती और डॉलर व ब्याज दरों से जुड़े संकेतों का असर है।

सोना भी मजबूत, लेकिन रफ्तार में चांदी आगे

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। फरवरी डिलीवरी वाला सोना करीब 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,35,224 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, मौजूदा दौर में रिटर्न के लिहाज से चांदी ने सोने को पीछे छोड़ दिया है।

औद्योगिक मांग ने बढ़ाई चांदी की चमक

चांदी की कीमतों में आई तेजी के पीछे औद्योगिक मांग एक अहम वजह मानी जा रही है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। वैश्विक स्तर पर क्लीन एनर्जी और एनर्जी ट्रांजिशन पर बढ़ते फोकस ने चांदी की खपत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

सीमित सप्लाई और बढ़ती मांग के बीच कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव बना हुआ है। इसके अलावा, संस्थागत निवेशक, हेज फंड्स और ETF निवेशक भी चांदी में आक्रामक खरीदारी कर रहे हैं। घरेलू निवेशकों के बीच भी सोने के मुकाबले चांदी को लॉन्ग टर्म निवेश के बेहतर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, जिसके चलते हर गिरावट पर खरीदारी देखने को मिल रही है।