Air Pollution: प्रदूषण के चलते गुरुग्राम में सख्ती, आधे कर्मचारी घर से काम करेंगे, दफ्तरों का समय बदला

air pollution
air pollution

Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पूरे क्षेत्र में स्मॉग की मोटी परत छाई हुई है और एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हालात को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-IV लागू कर दिया गया है। इसी के तहत गुरुग्राम जिला प्रशासन ने निजी, कॉर्पोरेट और सरकारी संस्थानों के लिए कई अहम निर्देश जारी किए हैं।

22 दिसंबर से वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा

गुरुग्राम के जिला उपायुक्त ने आदेश जारी कर सभी कॉर्पोरेट और प्राइवेट संस्थानों से अपील की है कि वे 22 दिसंबर 2025 से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दें। यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करना और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना है।

ऑफिस में सिर्फ 50% स्टाफ की अनुमति

CAQM के 13 दिसंबर 2025 के निर्देशों के आधार पर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैर-आवश्यक सेवाओं वाले कार्यालय केवल 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ ही संचालित किए जाएंगे। शेष कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी गई है, खासकर उन सेवाओं में जिन्हें ऑनलाइन या डिजिटल माध्यम से चलाया जा सकता है।

प्रदूषण के खिलाफ सामूहिक प्रयास

जिला प्रशासन ने इसे वायु प्रदूषण के खिलाफ सामूहिक लड़ाई बताया है। अधिकारियों का कहना है कि अगर निजी और कॉर्पोरेट सेक्टर इन दिशा-निर्देशों का सही तरीके से पालन करता है, तो इससे न सिर्फ लोगों की सेहत की रक्षा होगी, बल्कि प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। GRAP स्टेज-IV के नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव

GRAP-IV के दौरान गुरुग्राम जिले में सरकारी कार्यालयों के कामकाजी समय में भी बदलाव किया गया है। राज्य सरकार के अधीन आने वाले दफ्तर अब सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक खुलेंगे। वहीं गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम, सोहना, पटौदी और मंडी नगर परिषद तथा फर्रुखनगर नगर समिति के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक कार्य करेंगे।

और कड़े कदमों के संकेत

प्रशासन ने आम लोगों और कारोबारियों से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो और भी सख्त फैसले लिए जा सकते हैं। फिलहाल पूरा एनसीआर बेहतर हवा की उम्मीद में प्रशासनिक कदमों पर नजर बनाए हुए है।