Makhana ki kheti: राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की पहली बैठक में बीज, ट्रेनिंग और मार्केटिंग पर अहम फैसले

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Makhana ki kheti: मखाना की खेती करने वाले किसानों के लिए एक सकारात्मक और राहत भरी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की पहली आधिकारिक बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि देशभर के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले और प्रमाणित मखाना बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। यह बैठक शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कृषि मंत्रालय में आयोजित की गई, जिसमें बोर्ड की कार्यप्रणाली और केंद्रीय मखाना विकास योजना के क्रियान्वयन को औपचारिक रूप से शुरू किया गया।

₹476 करोड़ की केंद्रीय योजना को मिली रफ्तार

केंद्र सरकार ने 15 सितंबर को राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की औपचारिक शुरुआत की थी। मखाना क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए ₹476.03 करोड़ की लागत से एक विशेष योजना को मंजूरी दी गई है, जिसे 2025-26 से 2030-31 तक लागू किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य उत्पादन बढ़ाना, किसानों की आय में सुधार करना और मखाना को एक संगठित कृषि-उद्योग के रूप में विकसित करना है।

किसानों को कैसे मिलेगा लाभ?

बैठक में यह तय किया गया कि सबसे पहले राज्यवार मखाना बीज की वास्तविक जरूरत का आकलन किया जाएगा। इसके बाद किसानों को उनकी मांग के अनुसार बेहतर गुणवत्ता का प्रमाणित बीज उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उपज और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सके।

इस वर्ष और आने वाले वर्षों में प्रमाणित मखाना बीज उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर और अन्य प्रमुख शोध संस्थानों को सौंपी गई है।

खेती और प्रोसेसिंग के लिए मिलेगा प्रशिक्षण

राष्ट्रीय मखाना बोर्ड ने यह भी फैसला लिया है कि किसानों के साथ-साथ प्रशिक्षकों और कृषि विशेषज्ञों को भी आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
राज्य कृषि विश्वविद्यालय, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय बिहार और एनआरसी मखाना, दरभंगा मखाना की पूरी मूल्य शृंखला—खेती से लेकर प्रसंस्करण तक—से जुड़ी नई तकनीकों का प्रशिक्षण देंगे। इससे पारंपरिक के साथ-साथ नए क्षेत्रों में भी मखाना की खेती को बढ़ावा मिलेगा।

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अनुसंधान, इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केटिंग पर जोर

बैठक में मखाना क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी, जिनमें शामिल हैं—

  • अनुसंधान और नई खेती तकनीकों का विकास

  • ग्रेडिंग, ड्राइंग, पॉपिंग और पैकेजिंग के लिए आधुनिक अवसंरचना

  • वैल्यू एडिशन और ब्रांडिंग को बढ़ावा

  • बाजार से जोड़ने और निर्यात की तैयारी

इसके साथ ही इन सभी घटकों के लिए बजट आवंटन को भी मंजूरी दे दी गई है।

किसानों और उद्यमियों को मिलेगा सीधा फायदा

मखाना उत्पादन बढ़ाने, तकनीक हस्तांतरण, बाजार विस्तार, सब्सिडी प्रावधान और स्टार्टअप व उद्यमिता को प्रोत्साहन देने जैसे फैसलों से न सिर्फ किसानों बल्कि नए उद्यमियों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य मखाना को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक मजबूत पहचान दिलाना है।