Dhurandhar Dialogue : करीब ढाई साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे अभिनेता रणवीर सिंह ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी एक्टिंग स्किल को जज करना अभी सबके बस की बात नहीं है। वो चाहे फिर पद्मावत का खिलजी हो या सिम्बा का भ्र्ष्ट पुलिस ऑफिसर, वो हमेशा लोगों को चौकानें का काम करते आये है।
निर्देशक आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है। खबरों के अनुसार 2 दिन में इस फिल्म ने 60 करोड़ का आकड़ा पार कर लिया था, इसमें आज का कलेक्शन जुड़ना अभी बाकि है। फिल्म में जहाँ रणवीर सिंह की एक्टिंग की तारीफ हो रही है, वहीँ महफ़िल लूटने का काम किया है अक्षय खन्ना ने। उसके बाद राकेश बेदी, संजय दत्त और आर. माधवन ने जो रंग जमाया है वो सिल्वर स्क्रीन पर देखते ही बनता है।
फिल्म की एक और खासियत है और वो है इस फिल्म के डायलॉग (संवाद), तो हम आपको बताने जा रहे है इस फिल्म के बेहतरीन डायलॉग :-
- घायल हूँ इसलिए तो घातक हूँ
- हिन्दुस्तानियों का सबसे बड़ा दुश्मन हिन्दुस्तानी ही है, पाकिस्तान तो दुसरे नंबर पर आता है
- किस्मत की सबसे खुबसूरत आदत पता है क्या है, वो वक़्त आने पर बदलती है, हमारा भी वक़्त आएगा
- रहमान डकैत का खून है SP साहब, तमीज से बहाना
- चिंगारी लगा के तुझे ये लगा तूने आग पर काबू पा लिया है, ये गलतफेमी मत पाल यहाँ बारूद का ढेर बैठा है तुझ जैसो को राख करने के लिए
- ये नया हिंदुस्तान है, ये घर में घुसेगा भी और मारेगा भी
- हमारे पेशे में सबसे घातक हतियार है, नज़र और सब्र, दोनों की धार हमेशा तेज़ रखना
- सच शायद आपके लिए बहुत कड़वा होगा और झूठ बोलने की आज मेरी हिम्मत नहीं है
- पड़ोस में ही रहते है हम, गुदेभर का जोर लगा लो और बिगाड़ लो जो बिगाड़ सकते हो
- पिलो पिलो आलम दूध सोड़ा, डार्लिंग डार्लिंग दिल क्यों तोडा

